रेलवे बोर्ड ने अपने सभी जोन और उत्पादन इकाइयों को 30 जून 2016 से दिव्यांग कर्मचारियों को नोशनल प्रमोशन देने का निर्देश दिया है। रेलवे बोर्ड ने 18 जनवरी को एक पत्र में कहा कि कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने पिछले साल 28 दिसंबर को इस संबंध में निर्देश जारी किया था, जिसमें कहा था सभी रेलवे जोन को गैर राजपत्रित पदों के लिए इसका पालन करना चाहिए। बोर्ड ने अब अपने सभी जोनों को निर्देशों का पालन करने और चिन्हित पदों पर पदोन्नति देने को कहा है।
नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन (एनएफआईआर) के महासचिव एम राघवैया ने कहा कि कर्मचारियों को 30 जून 2016 से पदोन्नत किया जाएगा, लेकिन उन्हें कोई बकाया नहीं मिलेगा। उन्हें वास्तविक तारीख से बढ़ा हुआ वेतन मिलेगा।
यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज और गुरु तेग बहादुर अस्पताल के निदेशक प्रोफेसर डॉ. सतेंद्र सिंह ने कहा कि यह लंबे समय से लंबित था और सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद इसमें अनावश्यक रूप से देरी हुई। आखिरकार, सकारात्मक कार्यों को उनका उचित हक दिया जा रहा है। बेंचमार्क विकलांगता (पीडब्ल्यूबीडी) वाले व्यक्तियों के लिए पदोन्नति में आरक्षण का मुद्दा पिछले कुछ वर्षों से कई अदालतों में मुकदमेबाजी में था।
सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक आवेदन दायर कर यह स्पष्ट करने का अनुरोध किया कि अन्य मुद्दों के अलावा उसके 30 जून, 2016 के आदेश को लागू करने के लिए किस अधिनियम का पालन किया जाए। कोर्ट ने 28 सितंबर 2021 को स्पष्ट करते हुए सरकार से 2016 के एक्ट के मुताबिक प्रमोशन में आरक्षण के संबंध में निर्देश जारी करने को कहा। स्पष्टीकरण आदेश के मुताबिक, डीओपीटी ने 17 मई, 2022 को दिव्यांगों को पदोन्नति में आरक्षण का लाभ देने के लिए विस्तृत निर्देश जारी किए। शीर्ष अदालत ने 18 जुलाई, 2023 को सरकार को एक और निर्देश जारी किया और इसे 30 जून, 2016 की तारीख से लागू करने को कहा।