कांग्रेस नेता राहुल गांधी कठोर ठंड में सिर्फ टी-शर्ट पर पहनकर मार्च करने को लेकर चर्चा में हैं। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल ने 24 दिसंबर को दिल्ली में सिर्फ सफेद टी-शर्ट और पतलून में भारत जोड़ो यात्रा का नेतृत्व किया था। इसको लेकर अलग-अलग तरह की टिप्पणियां की गईं। अब राहुल गांधी ने इस पर मजाकिया अंदाज में प्रतिक्रिया दी है। शनिवार को मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि उन्हें ठंड से डर नहीं लगता है। हालांकि, अब वह स्वेटर पहनने के बारे में सोच रहे हैं।
दरअसल, प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी से दिल्ली में तापमान में गिरावट के बाद सर्दी में उनके ऊनी वस्त्र की पसंद के बारे में पूछा गया था। इसके जवाब में राहुल गांधी ने कहा, "टी-शर्ट पर इतना हो-हल्ला क्यों किया जा रहा है? मैं स्वेटर नहीं पहनता क्योंकि मुझे ठंड से डर नहीं लगता। मैं सोच रहा हूं कि जब मुझे ठंड लगने लगे तो मैं स्वेटर पहन लूं।"
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने मीडिया के कई सवालों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि हमें देश में भाईचारा, एकता और प्रेम की भावना को मजबूत करना है। इसका असर देश की सीमाओं पर भी पड़ता है। देश में हिंसा, नफरत का असर दूसरे देश देखते हैं, उसका फायदा उठाते हैं।
देश में शिक्षा के ढांचे को मजबूत करना होगा...
राहुल गांधी से पूछा गया कि अगर वह देश के प्रधानमंत्री बन जाएंगे तो सबसे पहला काम क्या करेंगे? इस पर राहुल ने कहा कि वह सबसे पहले देश में शिक्षा के ढांचे को मजबूत करना चाहेंगे। हमारा एजुकेशन सिस्टम सही तरीके से काम ही नहीं कर रहा है। वह बच्चों को कोई विजन ही नहीं दे पा रहा है। उन्होंने कहा, भारत जोड़ो यात्रा के दौरान मैंने हजारों बच्चों से बात की। सबसे पूछा कॉलेज खत्म करने के बाद तुम क्या करना चाहते हो। मुझे बस पांच जवाब मिले- डॉक्टर, लॉयर, इंजीनियर, पायलट, आईएएस। राहुल ने कहा, 99.9 प्रतिशत बच्चे यही जवाब दे रहे हैं। यानी हमारा एजुकेशन सिस्टम उन बच्चों को बता रहा है कि आप इन पांच काम के अलावा कुछ नहीं कर सकते।
युवाओं की स्किल मजबूत करने की जरूरत...
रोजगार को लेकर राहुल गांधी ने कहा कि बिना स्किल के युवाओं को अच्छा रोजगार नहीं मिल सकता है। अभी हमें युवाओं को स्किल मजबूत करने में उनकी मदद करनी होगी। विदेश नीति पर राहुल गांधी ने कहा कि हमारी विदेश नीति बहुत भ्रमित करने वाली है। उससे हमें बड़ी नुकसान होगा। उन्होंने कोरोना के समय भी इसको लेकर सचेत किया था।