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क्यों फेल हुआ कांग्रेस का ट्रंप कार्ड चन्नीः दोनों सीटों से मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को मिली हार

सार

किसान नेता रविंदर सिंह चीमा ने कहा कि इस बार पंजाब में एक बदलाव की लहर चल रही थी। अकाली दल और कांग्रेस दोनों दलों की सरकारों में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे। लेकिन इसी बीच आम आदमी पार्टी ने लोगों को एक साफ-स्वच्छ प्रशासन देने का वायदा किया। पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल ने लोगों के लिए भारी योजनाओं की घोषणा की।
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चरनजीत सिंह चन्नी दोनों सीटों से हारे। - फोटो : PTI
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विस्तार
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जब राहुल गांधी ने चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब का अगला मुख्यमंत्री चेहरा घोषित किया था, तब इसे कांग्रेस का ट्रंप कार्ड कहा गया था। माना जा रहा था कि इस घोषणा के बाद पंजाब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सबको पीछे छोड़ते हुए अचानक सबसे आगे खड़ी हो गई है। माना गया था कि राज्य के 32 फीसदी दलित मतदाता इसे अपने समुदाय के लिए ब़ड़ा अवसर मानेंगे और वे एकजुट होकर कांग्रेस के लिए जमकर वोट करेंगे। फिलहाल चुनाव परिणाम सामने आ चुके हैं और पंजाब में आम आदमी पार्टी भारी सफलता के साथ सत्ता में आ चुकी है। कांग्रेस के लिए इससे भी बुरा हुआ कि चन्नी खुद अपनी दोनों सीटों से चुनाव हार गए। बड़ा सवाल है कि कांग्रेस का यह ट्रंप कार्ड इतनी बुरी तरीके से फेल क्यों हो गया?

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कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने अमर उजाला से कहा कि पार्टी को सबसे बड़ा नुकसान शीर्ष नेताओं में मची अंतर्कलह के कारण उठाना पड़ा। यदि किसी पार्टी के सबसे बड़े चेहरे ही आपसी विवाद में उलझे रहें तो जनता के बीच इसका नकारात्मक संदेश जाता है, पंजाब में यही हुआ और पार्टी को भारी नुकसान उठाना पड़ा। यदि पार्टी ने यह मामला समय रहते सुलझा लिया होता तो पंजाब में जीत हासिल हो सकती थी।

पिछले विधानसभा चुनाव में पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने जनता से जमकर वादा किया था। उन्होंने भारी संख्या में रोजगार देने और बेरोजगार युवाओं को भारी भत्ता देने का वायदा किया था। लेकिन पांच साल की सत्ता में कैप्टन सरकार इन वादों को पूरा नहीं कर सकी जिसके कारण उसे लोगों की नाराजगी झेलनी पड़ी। इस चुनाव में कांग्रेस उससे आगे बढ़कर कोई वादा नहीं कर सकती थी, जो वादे किए गए, उन पर लोगों ने विश्वास भी नहीं किया। यही कारण है कि कांग्रेस का ट्रंप कार्ड फेल हो गया।
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बदलाव चाहते थे लोग
किसान नेता रविंदर सिंह चीमा ने कहा कि इस बार पंजाब में एक बदलाव की लहर चल रही थी। अकाली दल और कांग्रेस दोनों दलों की सरकारों में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे। लेकिन इसी बीच आम आदमी पार्टी ने लोगों को एक साफ-स्वच्छ प्रशासन देने का वायदा किया। पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल ने लोगों के लिए भारी योजनाओं की घोषणा की। महिलाओं, युवाओं और किसानों के लिए अरविंद केजरीवाल ने बड़ी घोषणाएं कर दी थीं। इससे लोगों को एक नया अनुभव मिल रहा था। इन उम्मीदों के कारण लोगों ने आप को सत्ता सौंप दी और कांग्रेस को इसका नुकसान उठाना पड़ा।   

कांग्रेस ने नहीं छोड़ी है उम्मीद
चंडीगढ़ प्रभारी दलित महिला कांग्रेस की अध्यक्ष रितु चौधरी ने अमर उजाला से कहा कि पंजाब आज जिस समृद्ध जमीन पर खड़ा है, उसको उस स्थिति तक लाने का श्रेय यदि किसी को दिया जा सकता है तो वह कांग्रेस ही है। पार्टी ने राज्य को देश में सबसे अग्रणी राज्यों में लाकर खड़ा कर दिया। लेकिन, लगता है कि हम अपनी बात जनता तक ठीक से पहुंचा नहीं पाए। चरणजीत सिंह चन्नी दलित समुदाय की आकांक्षाओं के बड़े केंद्र के रूप में उभर रहे थे। अपने बेहद छोटे से कार्यकाल में उन्होंने बेहद शानदार काम किया था, लेकिन उन्हें अपना प्रदर्शन करने का अवसर नहीं मिल पाया। शायद इसी का परिणाम हुआ कि हम सत्ता में वापसी नहीं कर सके। हालांकि, कांग्रेस नेता ने कहा कि कांग्रेस जल्द ही अपनी ताकत को दुबारा प्राप्त करेगी और दुबारा पंजाब की सेवा करने के लिए प्रस्तुत होगी।

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