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सावधान: पंजाब में 'बचकानी' हरकत पाकिस्तान को दे सकती है मौका, खतरा टला नहीं है 

सार

पाकिस्तानी 'आईएसआई' ने पंजाब में दोबारा से सिर उठाने की कोशिश में लगे खालिस्तानी संगठनों को अपने हाथ में लेने की योजना बनाई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय को मिली खुफिया रिपोर्ट में इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि खालिस्तानी नेटवर्क, पंजाब में एक बड़ी चुनौती बन सकता है।
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बीएसएफ का कार्यक्षेत्र 50 किलोमीटर तक बढ़ाए जाने से पंजाब के राजनीतिक दल नाराज। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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पाकिस्तान की सीमा से लगते 'पंजाब' में अगले साल के चुनावी माहौल के मद्देनजर बॉर्डर पर तैनात 'बीएसएफ' का कार्यक्षेत्र 50 किलोमीटर तक बढ़ाए जाने से राजनीतिक दल नाराज हैं। पंजाब विधानसभा में केंद्र के इस फैसले के खिलाफ प्रस्ताव लाया गया है। सुरक्षा एजेंसियों के जानकारों का कहना है कि पंजाब में एक बचकानी हरकत, पाकिस्तान को मौका दे सकती है।

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पाकिस्तानी 'आईएसआई' ने पंजाब में दोबारा से सिर उठाने की कोशिश में लगे खालिस्तानी संगठनों को अपने हाथ में लेने की योजना बनाई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय को मिली खुफिया रिपोर्ट में इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि खालिस्तानी नेटवर्क, पंजाब में एक बड़ी चुनौती बन सकता है। देश में इस नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए एनआईए सहित दूसरी केंद्रीय एजेंसियों को खास जिम्मेदारी सौंपी गई है। 

दो समुदायों के अलावा 'किसान संगठन' भी निशाने पर 
रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब में खालिस्तान आंदोलन को लेकर वहां के राजनीतिक दल भी आपस में विभाजित हैं। कांग्रेस पार्टी में कुछ नेताओं को छोड़कर बाकी इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं। अकाली दल, ऐसे संगठनों के लिए सॉफ्ट टारगेट है। पूर्व सीएम कैप्टन अमरेंद्र सिंह कह चुके हैं कि खालिस्तान एक चुनौती की तरह है। सुरक्षा एजेंसियों को जिस तरह के अलर्ट मिल रहे हैं, उनमें 'हिंदुओं व सिखों' के बीच विवाद पैदा करना भी शामिल है।
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इस पर 'आईएसआई' ज्यादा ध्यान दे रही है। युवाओं को बरगला कर खालिस्तानी गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। पंजाब पुलिस के एक बड़े अधिकारी बताते हैं, किसान संगठन के जरिए 'खालिस्तान' को आगे बढ़ाने का प्रयास हुआ है। हालांकि इसमें उन्हें कोई बड़ी सफलता हाथ नहीं लगी है, लेकिन वैसे प्रयास अभी खत्म नहीं हुए हैं। खालिस्तान समर्थकों को अभी 'किसान आंदोलन' में खुद के लिए गुंजाइश नजर आती है। खालिस्तान के विरोध को लेकर पंजाब के सभी राजनीतिक दल एक ही एजेंडे पर चलें तो सुरक्षा एजेंसियों की राह आसान हो जाएगी। खासकर पंजाब के विभिन्न दलों को विधानसभा चुनाव में खालिस्तानी संगठनों से किसी भी तरह की मदद लेने से बचना होगा। 

विदेशों में बैठकर नेटवर्क चला रहे हैं खालिस्तानी समर्थक
बब्बर खालसा इंटरनेशनल, खालिस्तान कमांडो फोर्स, खालिस्तान जिन्दाबाद फोर्स, इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन, सिख फॉर जस्टिस और खालिस्तान टाइगर फोर्स जैसे संगठनों को केंद्रीय गृह मंत्रालय आतंकी संगठनों की सूची में शामिल कर चुका है। इन संगठनों के संचालक विदेशी धरती से अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। सिख फॉर जस्टिस संगठन के संचालक गुरपतवंत सिंह पन्नू ने किसान आंदोलन को भड़काने के लिए कोई कसर बाकी नहीं रखी।

लालकिला की घटना, लखीमपुर खीरी कांड और किसान आंदोलन स्थलों पर हुई वारदातों में इस संगठन ने जलती आग में घी डालने का काम किया है। पन्नू ने अपने वीडियो संदेशों में गैर कानूनी काम कराने के लिए युवाओं को नकद इनाम देने की बात कही है। पाकिस्तानी आईएसआई द्वारा आए दिन ड्रोन के जरिए कोई न कोई गैर कानूनी सामान पंजाब की सीमा में गिराया जा रहा है। करतारपुर साहिब में खालिस्तान के पक्ष में पोस्टर लगाए गए थे। यहां तक कि पाकिस्तान ने अलगाववादी सिख नेताओं को वहां पहुंचने के लिए बुलावा भेजा था।

भर्ती करने और धन जमा करने का टास्क दे रहे हैं ये संगठन  
एनआईए की एक टीम को कनाडा भेजा गया है। यह टीम वहां की लोकल पुलिस और सरकार से मिलकर खालिस्तानी संगठनों की गतिविधियों को लेकर बातचीत करेगी। सिख फॉर जस्टिस, बब्बर खालसा इंटरनेशनल, खालिस्तान टाइगर फोर्स व खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स जैसे खालिस्तानी आतंकवादी संगठनों के खिलाफ एनआईए ने जो सबूत जुटाए हैं, उन्हें कनाडा सरकार के सामने रखा जाएगा।

ये संगठन भारतीय लोकतंत्र और कानूनी व्यवस्था को खराब करने की साजिश रचते हैं। पिछले कुछ समय से खालिस्तानी संगठनों ने पंजाब में नई भर्ती और धन एकत्रित करने पर खास जोर दे रखा है। गत जुलाई में पंजाब पुलिस ने खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) के सहयोग से चल रहे एक गिरोह का भंडाफोड़ किया था। यह गिरोह हत्या सहित अन्य कई आपराधिक घटनाओं में लिप्त पाया गया। 

पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता ने मीडिया को बताया था कि भारतीय सेना का पूर्व सिपाही और प्रमुख आरोपी जसप्रीत सिंह उर्फ नूपी अप्रैल में पटियाला जेल से भाग निकला था। उसे केएलएफ संचालकों ने पंजाब में कुछ हत्याओं को अंजाम देने के लिए एक आतंकी गिरोह बनाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। एनआईए ने 17 नवंबर को पंजाब में व्यापारियों को धमकाने और वसूली में कथित संलिप्तता के लिए सात खालिस्तानी आतंकवादियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। इनमें से दो आरोपी अर्शदीप सिंह और हरदीप सिंह निज्जर कनाडा में हैं। यहां भी गिरोह बनाकर व्यापारियों को धमकी देकर जबरन वसूली करने की बात सामने आई थी।

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