प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। अब हाल ही में एक वीडियो फिर वायरल हुआ है, जिसमें एक आईएएस अधिकारी की मां बंदूक लेकर लोगों को धमकाती नजर आ रही हैं। इस वीडियो के बाद से उनकी नौकरी की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
पिछले दिनों प्रशिक्षु आईएएस पूजा खेडकर से संबंधित एक नया मामला हर रोज सामने आ ही रहा है। आरोप है कि पूजा खेडकर ने अपनी ऑडी कार में लाल बत्ती लगाई और साथ ही ‘महाराष्ट्र शासन’ भी लिखवाया। फिर क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) ने इस मामले में पुणे की एक कंपनी को नोटिस जारी किया है। एक अधिकारी ने बताया कि कंपनी का ऑडी कार पर पंजीकृत मालिकाना हक है। और अब उनकी मां का बंदूक लेकर लोगों को धमकाने का वीडियो सामने आया है। पूजा खेडकर मुश्किलें दिन पर दिन बढ़ती ही जा रही हैं।
हाल ही में वायरल इस वीडियो में पूजा खेडकर की मां मनोरमा खेडकर अपने सुरक्षा गार्डों के साथ पड़ोसियों के साथ तीखी बहस करती नजर आ रही हैं। मनोरमा खेडकर को हाथ में पिस्तौल लिए एक व्यक्ति पर चिल्लाते हुए देखा जा सकता है। मनोरमा उनके पास जाती है और उसके चेहरे पर बंदूक लहराती है और फिर उसे अपने हाथ में छिपा लेती है। पुणे ग्रामीण पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि तथ्यों का पता लगाने के लिए जांच शुरू की जाएगी, जिसमें यह भी शामिल है कि क्या उनके पास बंदूक का लाइसेंस था। हालांकि यह वीडियो दो मिनट का है।
वहीं एक अधिकारी ने कहा कि वीडियो में दिख रही घटना पूजा के पिता दिलीप खेडकर द्वारा पुणे के मुलशी तहसील के धडवाली गांव में खरीदी गई जमीन के बारे में है, जो महाराष्ट्र सरकार के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। स्थानीय लोगों ने दावा किया था कि खेडकर ने पड़ोसी किसानों की जमीन पर अतिक्रमण किया है। पुणे ग्रामीण पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "हमने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हो रहे वीडियो का संज्ञान लिया है। तथ्यों का पता लगने के बाद हम जांच शुरू करेंगे। जांच करेंगे कि मनोरमा खेडकर के पास बंदूक का लाइसेंस है या नहीं।"
इस मामले में किसान कुलदीप पासलकर ने दावा किया कि मनोरमा खेडकर जबरन उनकी जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थीं। पासलकर ने आरोप लगाया, "वह अन्य किसानों को भी धमका रही हैं। वह कुछ सुरक्षा गार्डों के साथ मेरे प्लॉट पर आईं और हाथ में बंदूक लेकर हमें धमकाना शुरू कर दिया।"
बता दें कि 2023 बैच की आईएएस अधिकारी पर यूपीएससी की उम्मीदवारी में ओबीसी नॉन-क्रीमी लेयर उम्मीदवार के रूप में खुद को पेश करने का आरोप है। उन्होंने यह भी दावा किया कि वह दृष्टिहीन और मानसिक रूप से विकलांग हैं, लेकिन उन्होंने अपने दावों की पुष्टि के लिए परीक्षा देने से इनकार कर दिया।