प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन निरोधक कानून के तहत गुरुग्राम में 70 एकड़ जमीन और फ्लैट, मुंबई में कुछ आवासीय इकाइयां, दिल्ली में एक फार्महाउस और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) प्रमुख लालू प्रसाद के परिवार के करीबी अमित कत्याल और उनकी रियल्टी कंपनियों की करीब 113 करोड़ रुपये की एफडी (सावधि जमा) को अटैच किया है।
कात्याल को पिछले वर्ष गिरफ्तार किया गया था
प्रवर्तन निदेशालय ने बृहस्पतिवार को बताया कि कृष रियलटेक प्राइवेट लिमिटेड और ब्रह्मा सिटी प्राइवेट लिमिटेड के मामले में 113.03 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच करने के लिए छह अगस्त को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत एक अनंतिम आदेश जारी किया गया था। कात्याल को पिछले साल रेलवे में भूमि के बदले नौकरी घोटाले से संबंधित एक अलग मनी लॉन्ड्रिंग मामले में केंद्रीय एजेंसी ने गिरफ्तार किया था। इसमें लालू प्रसाद, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, सांसद बेटी मीसा भारती और कुछ अन्य शामिल हैं।
क्या है मामला?
धन शोधन का यह मामला गुरुग्राम पुलिस और दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा की ओर से दर्ज की गई एफआईआर से उपजा है। इन एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि कृष रियलटेक प्राइवेट लिमिटेड, ब्रह्मा सिटी प्राइवेट लिमिटेड, राजेश कत्याल और अमित कत्याल ने बिना लाइसेंस के प्लॉट आवंटित करने की आड़ में निवेशकों को धोखा दिया और आरोपियों ने आपराधिक साजिश, गलत बयानी, धोखाधड़ी के जरिए ऐसे प्लॉट खरीदारों के करोड़ों रुपये अवैध रूप से विदेश भेज दिए।