प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि कोई भी बाहरी ताकत अफगानिस्तान के विकास या भारत-अफगानिस्तान दोस्ती को रोक नहीं सकती। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि नजदीकी पड़ोसी और मजबूत रणनीतिक साझेदार होने के नाते भारत और अफगानिस्तान इस क्षेत्र को आतंकवाद और चरमपंथ से मुक्त देखना चाहते हैं।
अफगानिस्तान में निर्दोष नागरिकों, पत्रकारों और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने सहित बढ़ती हिंसा की घटनाओं पर उन्होंने चिंता व्यक्त की और कहा कि युद्ध की स्थिति को समाप्त करने के लिए भारत वहां व्यापक युद्धविराम का समर्थन करता है।
उन्होंने कहा कि हर अफगान भाई और बहन को यह विश्वास दिलाना चाहता हूं कि भारत आपके साथ खड़ा है। आपके धैर्य, साहस और संकल्प की यात्रा के हर कदम पर, भारत आपके साथ रहेगा। कोई भी बाहरी ताकत अफगानिस्तान के विकास को, या भारत-अफगानिस्तान दोस्ती को रोक नहीं सकती।
गनी ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि अफगानिस्तान में शांति बहाली में दिक्कत नहीं होगी जब राजनीतिक दल और उनके तालिबानी समर्थक वास्तविक राजनीतिक समाधान को गले लगाएंगे। उनका निशाना पाकिस्तान की ओर था।
उन्होंने कहा कि आतंकवाद का एक पूरा तंत्र है और विनाशकारी ताकतें क्षेत्र के भविष्य के लिए खतरा हैं। प्रधानमंत्री ने युद्धग्रस्त देश की विकास यात्रा में पूरा सहयोग का आश्वासन भी दिया।