बिजली मंत्री आर के सिंह ने सोमवार को भरोसा जताया किया कि बिजली संयंत्रों में कम कोयले के स्टॉक के बीच देश में बिजली की कमी नहीं होगी। इससे साथ ही उन्होंने वितरण कंपनियों द्वारा प्लांट को समय से भुगतान पर जोर दिया। देश भर में ताप विद्युत संयंत्रों में कोयले की कमी को देखते हुए उनका यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बिजली की कोई कमी नहीं
नई दिल्ली में एक्सचेंजों पर अक्षय ऊर्जा की बिक्री के लिए ग्रीन डे मार्केट के वर्चुअल लॉन्च के मौके पर सिंह ने आश्वासन दिया कि कोई बैक डाउन नहीं होगा। कल कोई (बिजली) आउटेज नहीं था। कोई बिजली की कमी नहीं थी और यह पहले भी नहीं हुआ था। अगर कही कुछ दिक्कत है तो वह हमारे अपने (राज्यों की) बाधाओं के कारण है। मंत्री ने बताया कि देश के बिजली संयंत्रों में इस समय 80 लाख टन से अधिक कोयला है।
कुछ राज्यों ने बड़ा मुद्दा बनाया
उन्होंने यह भी कहा कि राज्यों की बिजली वितरण कंपनियों (डिस्काम) को भी बिजली संयंत्रों को बकाये राशि का भुगतान करना होगा क्योंकि देश में बिजली मुफ्त में नहीं दी जा सकती। बिजली मंत्री ने कहा कि कुछ राज्यों ने जान-बूझकर कोयला संकट को एक बड़े मुद्दे के तौर पर प्रचारित किया लेकिन वैसी स्थिति नहीं थी। कुछ राज्यों के पास अपना कोल ब्लॉक है लेकिन खनन नहीं कर रहे हैं।
कई राज्यों पर 16,000 करोड़ रुपये बकाया
सिंह ने कहा कि कई राज्यों पर कोयला कंपनियों का 16,000 करोड़ रुपये बकाया है। दूसरी तरफ कोयला कंपनियों को कई तरह के खर्चे उठाने पड़ते हैं। ऐसे में राज्यों की तरफ से भुगतान नहीं किए जाने से कई समस्याएं खड़ी होती हैं। बिजली वितरण कंपनियों (डिस्काम) पर ही बिजली संयंत्रों का 75,000 करोड़ रुपये बकाया है। इसे बनाए नहीं रखा जा सकता है।