वायु प्रदूषण के कारण सांसों में लगातार जहर घुल रहा है। हालात की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने शुक्रवार को हवा की गुणवत्ता में गिरावट का संज्ञान लिया। एनजीटी ने राज्यों के मुख्य सचिवों को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। जिन प्रदेशों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) खराब, बहुत खराब और गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है, वहां तत्काल सुधार की जरूरत पर बल दिया है।
NGT ने खराब AQI का संज्ञान लिया
गौरतलब है कि हरित पैनल एक मामले की सुनवाई कर रहा था जहां उसने 20 अक्तूबर से 1 नवंबर तक विभिन्न शहरों में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ऑनलाइन वायु गुणवत्ता बुलेटिन का संज्ञान लिया था। न्यायाधिकरण ने कहा, "जिन शहरों का AQI गंभीर, बहुत खराब और खराब स्तर तक गिर गया है, उन राज्यों के मुख्य सचिवों को निर्देश दिया जाता है कि उन्हें तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने की जरूरत है।
10 नवंबर को अगली सुनवाई, उससे पहले देनी होगी रिपोर्ट
एनजीटी ने सुनवाई की अगली तारीख यानी 10 नवंबर को या उससे पहले ट्रिब्यूनल के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश भी दिया। राज्यों को बताना होगा कि हवा की गुणवत्ता में सुधार के लिए क्या कदम उठाए गए।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय को भी नोटिस
संबंधित मुख्य सचिवों के साथ-साथ, ग्रीन पैनल ने अध्यक्ष, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम), केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के सदस्य सचिव, राष्ट्रीय टास्क फोर्स के प्रमुख सचिव और केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफ एवं सीसी) को भी नोटिस जारी किया।
आंखों में जलन, दम फूलने की शिकायत
बता दें कि खराब एयर क्वालिटी के कारण दिल्ली समेत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) बुरी तरह प्रभावित है। दिल्ली सरकार ने दो दिनों तक स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया है। हवा में घुलते जहर का मामला कितना गंभीर है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आम लोग आंखों में जलन और सीढ़ी चढ़ते समय दम फूलने की शिकायत कर रहे हैं।