असम के पशुपाल एवं पशु चिकित्सा मंत्री अतुल बोरा
- फोटो : एएनआई (फाइल)
असम के पशुपालन एवं पशु चिकित्सा मंत्री अतुल बोरा के खिलाफ रविवार को शिकायत दर्ज की गई। आरोप है कि बोरा ने टीकाकरण के लिए अवैध रूप से पशुओं को सूई (इंजेक्शन) लगाई। जबकि वह पशु चिकित्सक भी नहीं हैं। हालांकि, उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। शिकायत को जांच के लिए गोलाघाट जिले के स्थानीय थाने को भेज दिया गया है।
उनके खिलाफ शिकायत कृषक मुक्ति संग्राम समिति के गोलाघाट महासचिव (प्रभारी) हीरक ज्योति सैकिया ने दर्ज कराई। सैकिया ने कहा कि बोरा एक प्रमाणित पशु चिकित्सक नहीं हैं और इसलिए वे जानवरों को इंजेक्श लगाने के लिए अधिकृत नहीं हैं। गोलाघाट थाने में दर्ज शिकायत में उन्होंने कहा, अगर पशुधन का इलाज अनुभवहीन और अनधिकृत व्यक्तियों के द्वारा किया जाता है, तो इससे पशुओं को खतरा हो सकता है। उन्होंने कहा, यह कानून के अनुसार दंडनीय अपराध है।
बोरा ने 12 जुलाई को 'एक्स' पर कई तस्वीरें साझा कीं। इसके साथ ही उन्होंने एक पोस्ट में कहा कि सरकार ने राज्य भर के किसानों के लाभ के लिए मोबाइल पशु चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने और पशुधन का समय से टीकाकरण करने की पहल का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा था, हाल ही में बाढ़ की स्थिति को ध्यान में रखते हुए बोकाखाट निर्वाचन क्षेत्र के बोंगकुवाल गांव में पशुधन और पशु चिकित्सा सेवा अभियान का टीकाकरण अभियान शुरू किया गया। ताकि जानवरों को बीमारियों से बचाया जा सके और क्षेत्र के प्रभावित जानवरों को मुफ्त टीकाकरण और उपचार प्रदान किया जा सके।
चार तस्वीरों में से बोरा को बोकाखाट विधानसभा क्षेत्र के बोंगकुवाल गांव में एक बकरी और एक गाय को इंजेक्शन लगाते हुए दिखाया गया था। गाय के साथ की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं थीं। गोलाघाट थाने के एक वरिष्ठ अधिकारी ने संपर्क किए जाने पर पीटीआई-भाषा को बताया कि उन्हें शिकायत मिली है लेकिन अभी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। उन्होंने कहा, हमने इसे स्थानीय पुलिस थाने को भेज दिया है, जहां घटना हुई थी। वे प्राथमिकी दर्ज करने के बारे में फैसला लेंगे।