कोरोना वायरस को रोकने के लिए टीकाकरण ही एकमात्र उपाय है। इसके लिए देश में अलग-अलग तरह के अभियान भी चल रहे हैं। लेकिन कुछ कमियों के कारण अभियान प्रभावित हो सकते है। पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम (पीसीएमसी) कोरोना टीकाकरण की अपनी 75 घंटे की मैराथन शुरू करेगा। हालांकि प्रशासन के पास पर्याप्त कोरोना की खुराक हैं लेकिन सिरिंज की कमी प्रशासन के लिए एक नई चिंता बनकर उभरी है।
उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने सीरिंज की कमी की कही थी बात
उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने शुक्रवार को एक प्रेस मीट के दौरान कहा था कि राज्य सरकार कोरोना के टीके की खुराक की आपूर्ति कर रही है, लेकिन केंद्र ने सीरिंज की आपूर्ति बंद कर दी है, सीरिंज देना बंद कर दिया है।
सीरिंज की कमी मुख्य रूप से कॉर्पोरेट दाताओं की वजह से
पुणे जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आयुष प्रसाद ने कहा कि सीरिंज की कमी मुख्य रूप से कॉर्पोरेट दाताओं की वजह से है जिन्होंने हमें केवल टीके दिए और कोई सीरिंज नहीं। जबकि बजाज समूह ने सीरिंज और वैक्सीन दोनों खुराक दान में दीं हैं।
आगे कहा कि हमें ड्राइव जारी रखने के लिए अपनी सीरिंज का उपयोग करना पड़ा। इससे अस्थायी कमी हो गई। हम एक चयनित बड़े स्थान पर 75 घंटे का मैराथन टीकाकरण अभियान शुरू करने की योजना बना रहे हैं, जहां लगातार लोगों वैक्सीन लगाई जाएगी और हमारे पास सेवा प्रदान करने के लिए कम से कम नौ नर्सें होंगी।
पीएमसी टीकाकरण अधिकारी डॉ सूर्यकांत देवकर ने कहा कि हमें शनिवार को 41,000 से अधिक सीरिंज मिले हैं और 75 घंटे के मैराथन टीकाकरण अभियान के लिए हम सोमवार को इसकी योजना बनाएंगे और सबसे अधिक संभावना है कि यह अभियान मंगलवार से शुरू होगा और शुक्रवार तक जारी रहेगा। यदि आवश्यक हो तो सीरिंज की कमी के संबंध में हम अपनी ओर से और अधिक खरीदेंगे।