विपक्षी दल की ओर से यह प्रतिक्रिया तब सामने आई है, जब प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के चुनावी घोषणापत्र में मुस्लिम लीग की छाप है और उसके नेताओं के बयान राष्ट्रीय एकता और सनातन धर्म के प्रति शत्रुता दिखाते हैं।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, भारत के लोग प्रधानमंत्री के झूठ से अब थक चुके हैं। चार जून के बाद उन्हें लंबी छुट्टी पर जाना होगा। यह भारत के लोगों की गारंटी है। लोकसभा चुनाव के लिए मतगणना 4 जून को होनी है। रमेश ने कहा कि कांग्रेस की पांच न्याय गारंटी दस साल के अन्याय के बाद भारत के लोगों में एक नई उम्मीद जगा रही है। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट मं कहा कि कांग्रेस की गारंटी समय की मांग है और यह देश के पीड़ित लोगों की आवाज है। उन्होंने कहा, इस गारंटी कार्ड से परेशान प्रधानमंत्री अपनी कुर्सी बचाने के लिए हताशा में आधारहीन बातें कर रहे हैं।
वहीं, नवादा जिले में एक रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने बिहार में कांग्रेस-राजद गठबंधन के शासन को याद किया और उसे जंगल राज करार दिया। इसके साथ ही उन्होंने अपने सहयोगी नीतीश कुमार और सुशील कुमार मोदी की मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के रूप में राज्य के हालात बदलने के लिए प्रशंसा की। उन्होंने कहा, कांग्रेस ने जो घोषणापत्र जारी किया है, उसमें मुस्लिम लीगी की छाप है। उसने घोषणापत्र नहीं जारी किया है, बल्कि तुष्टिकरण का घोषणापत्र जारी किया है।