मोदी समर्थकों का मानना है कि जिस समय पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था महंगाई और सुस्ती के कुचक्र में फंसी हुई है, प्रधानमंत्री मोदी ने देश को न केवल इस कुचक्र से सफलतापूर्वक बाहर निकाला, बल्कि उसे दुनिया की सबसे बड़ी पांचवीं अर्थव्यवस्था बनने की ओर आगे भी बढ़ाया। आर्थिक क्षेत्र में यह उनकी बड़ी उपलब्धि है। कोरोना काल में बिना घबराए आगे बढ़कर स्थिति को संभालना और दुनिया को कोरोना के खतरे से बाहर निकालने के लिए अभूतपूर्व योगदान देना उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल है।
इसी प्रकार कश्मीर में अनुच्छेद 370 के विवादित अंशों की समाप्ति, तीन तलाक प्रथा को खत्म करना और अयोध्या-काशी-उज्जैन का विकास उन्हें जनता में लोकप्रिय बना रहा है। जब वे प्रयागराज, काशी और दिल्ली में संसद का निर्माण करने वाले श्रमिकों से मुलाकात करते हैं, या मेट्रो में चलते हुए आम लोगों से मुलाकात करते हैं, उससे आम लोगों के बीच उनकी छवि मजबूत होती है।
'अंतरराष्ट्रीय स्तर का काम करने में विश्वास रखते हैं प्रधानमंत्री'
भाजपा प्रवक्ता जयराम विप्लव ने अमर उजाला से कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति से लेकर अब तक देश को अनेक प्रधानमंत्री मिले हैं और सबने अपनी योग्यता और क्षमता के अनुसार इसे आगे बढ़ाने के लिए कार्य किया है, लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी इस मामले में सबसे आगे हैं कि वे जो भी कार्य करते हैं, उसे एक नई उपलब्धि के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करने में विश्वास रखते हैं।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में एक यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर बनवाने जैसा काम हो तो भी वे उसे इस स्तर तक ले जाने की सोच रखते हैें जहां उसकी पहचान आंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो जाए। इसी प्रकार इसके पहले भी पूरी दुनिया में जी 20 के कार्यक्रम होते रहे हैं, लेकिन पीएम मोदी ने इसे जिस स्तर पर आयोजित किया है, पूरी दुनिया में उसकी प्रशंसा हो रही है। यह उनकी बड़ी सोच को दिखाता है।
इन मामलों में आलोचना भी
हालांकि, सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री के कई कार्यों की आलोचना भी हो रही है। ट्विटर पर राष्ट्रीय बेरोजगार दिवस हैशटैग चलाकर लोग केंद्र सरकार को रोजगार के मामले में निशाने पर ले रहे हैं। इस हैशटैग पर टिप्पणी करने वालों का कहना है कि सरकार लोगों को रोजगार देने में असफल साबित हुई है। इंडी एलायंस हैशटैग पर लिखने वाले सिराज का मानना है कि सरकार समाज में सांप्रदायिक विभाजन को कम करने के लिए कोई काम नहीं कर रही है।