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Video: मजदूरी कर गुजारा कर रहे, पर नहीं छोड़ी पढ़ाई; अब PM मोदी ने की मदद, पढ़ें गुजरात के दो भाइयों की कहानी

Sun, 27 Nov 2022 11:10 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद

सार

नेतरंग में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें थोड़ी देर हो गई क्योंकि उन्हें दो आदिवासी बच्चों से मिलना था, जिन्होंने छह साल पहले अपने माता-पिता को खो दिया था।
 
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पीएम मोदी ने की दो अनाथ भाइयों से मुलाकात। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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गुजरात में इन दिनों चुनावी बयार चल रही है। पीएम मोदी भी एक के बाद एक जनसभाएं कर रहे हैं। इसी क्रम में रविवार को उन्होंने नेतरंग में एक चुनावी रैली को संबोधित किया। हालांकि इस रैली में वे तय समय से कुछ देरी से पहुंचे। अपने संबोधन में उन्होंने इसका जिक्र भी किया। उन्होंने बताया कि वे रैली में कुछ देरी से पहुंचे हैं। इस दौरान उन्होंने अपने देर से आने का कारण भी बताया। देरी से आने की वजह बताते ही पूरी जनसभा तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठी। 

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नेतरंग में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें थोड़ी देर हो गई क्योंकि उन्हें दो आदिवासी बच्चों से मिलना था, जिन्होंने छह साल पहले अपने माता-पिता को खो दिया था।
 

पीएम मोदी ने सुनाई अवि और जय की आपबीती
पीएम मोदी ने दोनों भाइयों की आपबीती बताते हुए कहा कि दोनों भाई अवि (14) और जय (11) के माता-पिता का छह साल पहले लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। तब से वे एक-दूसरे की देखभाल कर रहे हैं और मजदूरों के रूप में काम कर रहे हैं। तमाम कठिनाइयों के बावजूद, भाइयों ने अपनी शिक्षा जारी रखी। अवि कक्षा 9 में पढ़ता है जबकि जय कक्षा 6 में है। 
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पीएम मोदी ने बताया कि जब मुझे उनके बारे में जानकारी हुई तो मैने अधिकारियों को दोनों भाइयों के लिए बुनियादी सुविधाओं के साथ एक घर बनाने का निर्देश दिया। आज जब यहां आया तो दोनों भाइयों से मिलने चला गया। दोनों ने बताया कि वे इंजीनियर बनना चाहते हैं। 

पीएम से मिलकर उत्साहित दिखे दोनों भाई
प्रधानमंत्री से मिलने के बाद भाई-बहन ने कहा कि वे बहुत उत्साहित हैं और पीएम मोदी के समर्थन के लिए आभारी हैं। यह पूछे जाने पर कि प्रधानमंत्री ने क्या कहा, बड़े भाई अवि ने बाताया कि उन्होंने मुझसे पूछा कि मैं क्या बनना चाहता हूं। मैंने उन्हें बताया कि मैं एक इंजीनियर बनना चाहता हूं। पीएम ने हमें आश्वासन दिया कि वह हमारी शिक्षा की जिम्मेदारी लेंगे। जय ने कहा कि वह भी इंजीनियर बनना चाहता है। दोंनों भाइयों ने बताया कि उनके घर में टीवी और कंप्यूटर जैसी सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं।

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