मुंगेर के जयराम विप्लव उन भाग्यशाली लोगों में से एक हैं जिन्हें मन की बात (Mann Ki Baat) कार्यक्रम के सौवें एपिसोड में शामिल होने के लिए पटना राजभवन आमंत्रित किया गया था। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े 'तारापुर शहीद दिवस' के गौरवशाली इतिहास को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से साझा किया था। प्रधानमंत्री ने जयराम विप्लव के इस प्रयास की विशेष सराहना की थी और मन की बात के 75वें संस्करण में इसका विशेष तौर पर उल्लेख भी किया था।
दरअसल, मन की बात कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए देश के सभी राजभवनों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। इन कार्यक्रमों में राज्य के उन लोगों को विशेष तौर पर आमंत्रित किया गया था जिनका उल्लेख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मन की बात कार्यक्रम के दौरान किया था। जयराम विप्लव की तरह इस प्रकार के सैकड़ों लोगों को इस कार्यक्रम से जोड़ा गया था। इनमें से कुछ लोगों से प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात के सौवें संस्करण में बात भी किया और उनके प्रयासों की सराहना भी की।
पीएम के शब्द बन रहे जनआंदोलन
सम्मानित होने के बाद अमर उजाला से बात करते हुए भाजपा नेता और पार्टी के मीडिया पैनलिस्ट जयराम विप्लव ने कहा कि यह प्रधानमंत्री की सोच का ही परिणाम है कि उन्होंने मन की बात कार्यक्रम में जिन मुद्दों को उठाया, वे एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन बन गए। अब तक देश खिलौनों का आयात करता था, लेकिन जब पीएम ने इस मुद्दे को उठाया तब औद्योगिक सेक्टर का ध्यान इस ओर गया और आज भारत खिलौनों के बड़े निर्यातक के रूप में उभर रहा है।
उन्होंने कहा कि एक बड़े नेता का यही कार्य है कि वह देश की जनता को बड़े लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित करे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शब्द लोगों के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम भाग्यशाली हैं कि देश को ऐसा जननेता मिला है जो अपने कार्यों-शब्दों से आम जनता को प्रेरणा प्रदान कर रहा है।
बेटियों के सम्मान को दी नई ऊंचाई
नेहा शालिनी दुआ गरीब वर्ग की बेटियों को शिक्षा दिलाने और कम उम्र की लड़कियों के विवाह को हतोत्साहित करने के लिए लगातार काम कर रही हैं। दिल्ली में आयोजित मन की बात कार्यक्रम में शामिल होने के बाद उन्होंने कहा कि बेटियों को मजबूत करने के कार्य लगातार चलते ही रहते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह बेटियों को सशक्त करने का काम किया, शायद अब तक किसी ने नहीं किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 'सेल्फी विद डॉटर' को एक जनांदोलन बना दिया। इसका वैश्विक स्तर पर असर हुआ और लोग अपनी बेटियों के साथ अपनी-अपनी तस्वीरें साझा कर गौरव महसूस करने लगे। इसका दूरगामी परिणाम है कि अब बेटियों के जन्म पर उनके घर में मातम नहीं, खुशी मनाई जाती है और यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बड़ी सफलता है।
नेहा शालिनी दुआ ने कहा कि प्रधानमंत्री की इस सोच का असर केवल फोटो खींचने और सोशल मीडिया पर शेयर करने तक सीमित नहीं रहा। केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों की योजनाओं में यह देखा जा रहा है कि यहां महिलाओं को प्राथमिकता मिल रही है। पीएम आवास योजना के अंतर्गत घर महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्री कराई जा रही है। उज्वला योजना महिला सशक्तीकरण का कार्यक्रम बन गया है।
जनधन खातों से महिलाओं को छोटे कर्ज उपलब्ध कराकर उन्हें स्वरोजगार करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। बेटियों को खेल के मैदान में प्राथमिकता मिल रही है और रोजगार में वे अब पुरुषों से कंधे से कंथा मिलाकर चल रही हैं। उन्होंने कहा कि एक सेल्फी का कार्यक्रम किस तरह समाज के उत्थान का कारण बन गया, यह इसका जीता जागता प्रमाण है।
कांग्रेस ने की आलोचना
प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम की कांग्रेस ने कड़ी आलोचना की है। पार्टी ने कहा है कि देश के लिए बेहद अहम मुद्दों पर प्रधानमंत्री चुप्पी साधे रखते हैं, जबकि इस तरह के कार्यक्रमों से यह प्रचारित करने की कोशिश की जाती है जैसे देश में सब ठीक चल रहा है।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ट्वीट कर कहा कि 'मन की बात' के 100वें एपिसोड को बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है। लेकिन सच्चाई यह है कि चीन से सीमा विवाद, अडानी विवाद, बढ़ती आर्थिक असमानता, महंगाई, जम्मू-कश्मीर में हो रहे आतंकी हमले और इस समय महिला पहलवानों के प्रदर्शन पर प्रधानमंत्री ने चुप्पी साध रखी है। उन्होंने इस बेहद संवेदनशील मुद्दे पर कोई बात नहीं की है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों से कई वायदे किए थे, लेकिन उन्हें अब तक पूरा नहीं किया गया है। पीएम इस समय कर्नाटक में चुनाव प्रचार कर वहां भाजपा के वापसी के दावे कर रहे हैं, लेकिन उसी राज्य में वे अपनी सरकार के भ्रष्टाचार पर चुप हैं। उन्होंने कहा कि मन की बात के प्रभावों पर कुछ मनगढ़ंत अध्ययन किये गए हैं। अध्ययन जिनके माध्यम से किए गए हैं, उनकी अपनी विश्वसनीयता संदेह के घेरे में है।