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PM Modi in Lok Sabha: 'पांच साल रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म के रहे', पीएम बोले- दुनिया ने भारत की ताकत देखी

Sat, 10 Feb 2024 05:10 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

PM Modi Parliament Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के बजट सत्र के अंतिम दिन आज लोकसभा में संबोधित किया। उन्होंने बीते पांच साल के कामकाज और कोरोना महामारी के दौरान देश की जनभावना और जिजिविषा का जिक्र कर कई अहम बातें कहीं।
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लोकसभा में पीएम मोदी - फोटो : sansad tv youtube
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विस्तार
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संसद के बजट सत्र के अंतिम दिन आज लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये पांच वर्ष देश में रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के रहे। यह बहुत कम होता है कि सुधार हों, काम हों और हम बदलाव को अपनी आंखों के सामने होता हुआ देखें। सत्रहवीं लोकसभा के माध्यम से आज देश अनुभव कर रहा है और मुझे भरोसा है कि देश सत्रहवीं लोकसभा को जरूरत आशीर्वाद देता रहेगा।  अध्यक्ष जी, कभी-कभी सुमित्रा जी हास्य करती थीं, लेकिन आपका चेहरा हमेशा मुस्कराता हुआ रहता है। अनेक परिस्थितियों में आपने संतुलित भाव से इस सदन का मार्गदर्शन और नेतृत्व किया। मैं आपकी प्रशंसा करता हूं।
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कोरोना महामारी मानवता के सामने सदी का सबसे बड़ा संकट
पीएम मोदी ने कहा, आक्रोश और आरोप के पल आए, लेकिन आपने पूरे धैर्य के साथ पूरी स्थितियों को सूझबूझ के साथ संभाला और सदन को चलाया। इसके लिए भी मैं आपका आभारी हूं। इस पांच वर्ष में इस सदी का सबसे बड़ा संकट पूरी मानव जाति ने झेला। कौन बचेगा, कौन बच पाएगा, कोई किसी को बचा सकता है या नहीं... ऐसी वो अवस्था थी। ऐसे में सदन में आना भी संकट का काम था। देश के काम को आपने रुकने नहीं दिया। सदन की गरिमा भी बनी रहे और देश के आवश्यक कामों को जो गति देनी चाहिए, वो भी बनी रहे, इस काम में सदन की जो भूमिका है, वह पीछे न रहे। इसे आपने कुशलता से संभाला। 

सफलता के लिए सभी सांसदों का आभार, पहले सत्र में 30 विधेयक पारित

लोकसभा में पीएम मोदी के संबोधन का अंश - फोटो : amar ujala graphics
आपने स्थाई व्यवस्थाओं का निर्माण किया है। आपकी पहल और सभी के संयुक्त प्रयास की वजह से 17वीं लोकसभा में 97% कामकाज हुआ है। यह अपने आप में प्रसन्नता का विषय है। सात सत्र तो सौ फीसदी से ज्यादा प्रोडक्टिविटी वाले रहे। अपने रात-रात भर बैठकर हर सांसद की बात को सरकार के ध्यान में रखने का प्रयास किया। मैं इस सफलता के लिए सभी सांसदों का आभार व्यक्त करता हूं। पहले सत्र में दोनों सदन में तीस विधेयक पारित किए गए। यह अपने आप में रिकॉर्ड है। नए-नए मानदंड स्थापित हुए। 

आजादी के 75 वर्ष पूरे होने का उत्सव आया। हम सभी को कितना बड़ा सौभाग्य मिला कि हमें यह अवसर प्राप्त हुआ। शायद ही कोई सांसद ऐसा होगा, जिसने आजादी के 75 वर्ष को लोकोत्सव बनाने में कसर नहीं छोड़ी

सांसदों ने अपने वेतन में 30 फीसदी कटौती की, देशवासियों को दिया सकारात्मक संदेश

लोकसभा में पीएम मोदी ने स्पीकर ओम बिरला की सराहना की (वीडियो ग्रैब) - फोटो : sansad tv youtube
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, माननीय सांसदों का भी आभार व्यक्त करना चाहता हूं कि उस कालखंड में देश की स्थिति को देखते हुए सांसद निधि छोड़ने का प्रस्ताव रखा गया। जब प्रस्ताव आया तो सभी सांसदों ने इसे एकमत से स्वीकारा। देशवासियों को सकारात्मक संदेश देने के लिए और समाज को विश्वास देने के लिए सांसदों ने अपने वेतन में तीस फीसदी कटौती का निर्णय किया। हम सभी सांसद बिना कारण हिंदुस्तान की मीडिया में गाली खाते रहते थे कि बाहर इतने में खाना मिलता है और संसद की कैंटीन में इतना सस्ता मिलता है। आपने निर्णय किया कि सभी के लिए कैंटीन में समान रेट होंगे। सांसदों की फजीहत और मजे लेने वालों से आपने हमें बचा लिया, इसके लिए मैं आपका आभार व्यक्त करता हूं।

आजादी के पहले पल को जीवंत रखने के लिए सेंगोल रखने का काम
संसद का नया भवन होना चाहिए, इसकी सभी ने चर्चा की। लेकिन ये आपका नेतृत्व है, जिसने इस काम को आगे बढ़ाया। उसी का परिणाम है कि आज देश को नया संसद भवन प्राप्त हुआ है। संसद के नए भवन में विरासत का अंश और आजादी के पहले पल को जीवंत रखने के लिए सेंगोल रखने का काम हुआ। यह भारत की आने वाली पीढ़ियों को हमेशा आजादी के प्रथम पल के साथ जोड़कर रखेगा। हमें इससे देश को आगे ले जाने की प्रेरणा भी मिलेगी।

नए सदन में भारत की मूलभूत मान्यताओं को आवाज

महिला आरक्षण विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी। - फोटो : अमर उजाला
पीएम मोदी ने जम्मू-कश्मीर के लिए हुए बड़े फैसलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, सरकार जम्मू-कश्मीर को सामाजिक न्याय का वादा देकर संतोष का अनुभव कर रही है। आतंकवाद नासूर बन कर देश के सीने पर गोलियां चलाता रहता था। मां भारती की धरा आए दिन रक्तरंजित होती थी। देश के अनेक वीर, होनहार सपूत आतंकवाद की बलि चढ़ जाते थे। हम आंतकवाद के विरुद्ध थे। हमारे सदन ने आतंकवाद के खिलाफ कई कानून बनाए।

नारी शक्ति वंदन कानून का जिक्र
हाल ही में बदले गए आपराधिक कानूनों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, हम 75 वर्षों तक अंग्रेजों की दी गई भारतीय दंड संहिता (IPC) में ही जीते रहे। हम गर्व से कहेंगे, देश 75 साल दण्ड संहिता में जिया हो लेकिन आने वाली पीढ़ी न्याय संहिता में जिएगी। यही सच्चा लोकतंत्र हैं। नया सदन का प्रारंभ ऐसे काम से हुआ है जो भारत के मूलभूत मान्यताओं को बल देता है, वो है नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण) है।

सरकार ने अंग्रेजों के जमाने के किन कानूनों को बदला
बता दें कि केंद्र सरकार ने 125 साल से अधिक अंग्रेजों के जमाने के पुराने कानून- भारतीय दंड संहिता (IPC), दंड प्रक्रिया संहिता (Cr.PC) और एविडेंस एक्ट को बदल दिया है। अब इन तीनों कानूनों की जगह भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य कानून (BSK) अस्तित्व में हैं।
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अगले 25 साल में हमें भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है

लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल) - फोटो : PTI
बकौल पीएम मोदी, आज मैं देख रहा हूं, बच्चों के मुंह से निकल रहा है कि अगले 25 साल में हमें भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है। उन्होंने कहा, 25 साल मेरे देश के युवाओं के लिए महत्वपूर्ण काल है। मुझे विश्वास है कि हम में से कोई नहीं होगा जो 25 साल में देश का विकास न कर सके। यह लोगों का संकल्प बन रहा है। इन पांच वर्ष में युवाओं के लिए बहुत कानून भी बने हैं। व्यवस्था में पारदर्शिता लाकर युवाओं को कई मौके दिए गए। पेपर लीक जैसी समस्या युवाओं को चिंतित करती थी, हमने बहुत ही कठोर कानून बनाए हैं। युवाओं के मन में सवालिया निशान और व्यवस्था के प्रति उनका गुस्सा था। लेकिन हमने कानून बनाकर उन्हें दूर किया है।

प्रधानमंत्री ने अनुसंधान की अहमियत भी बताई
ये बात सही है कोई भी मानव जाति अनुसंधान के बिना आगे नहीं बढ़ सकता। मानव जाति का लाखों साल का इतिहास रहा है, जीवन बढ़ता चला गया है, अनुसंधान चलता रहा है। सदन ने विधिवत रूप से कानून के जरिए अनुसंधान को बढ़ावा देने का काम किया है। नेशनल रिसर्च फाउंडेशन के जरिए उल्लेखनीय काम हो रहे हैं। इस व्यवस्था के कारण अब भारत दुनिया का रिसर्च हब बन सकता है। हमारे पास बहुत बड़ा टेलेंट हैं। पीएम मोदी ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में शोध और अनुसंधान का लाभ मिलेगा।
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