असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल को भी दिल्ली बुलाया गया है। सोनोवाल गुवाहाटी से दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं।
इन नामों पर चर्चा
सूत्रों की मानें तो जिन लोगों को मंत्रिपरिषद के भावी फेरबदल और विस्तार में शामिल किया जा सकता है, उनमें असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल, बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, बैजयंत पांडा, राकेश सिंह, नारायण राणे, हिना गावित, संध्या राय, सुनीता दुग्गल, जदयू नेता आरसीपी सिंह, ललन सिंह व संतोष कुमार आदि के नाम मुख्य रूप से चर्चा में हैं।
सहयोगी दलों को दिया जाएगा मौका
मोदी सरकार में अभी भाजपा के सहयोगी दलों से एक भी कैबिनेट मंत्री नहीं है। वहीं, रिपब्लिकन पार्टी के रामदास आठवले अकेले राज्यमंत्री हैं। ऐसे में कुछ और सहयोगी दलों को भी विस्तार में जगह दी जा सकती है। इसमें अन्नाद्रमुक, अपना दल और लोजपा के नए धड़े को भी मंत्री पद मिल सकता है।
कुछ मंत्रियों की होगी छुट्टी
सूत्रों के मुताबिक, मोदी मंत्रिमंडल से कुछ मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है। चर्चा है कि कुछ मंत्रियों को सरकार से हटाकर संगठन में जगह दी जा सकती है। साथ ही, अतिरिक्त प्रभार और ज्यादा चेहरे भी शामिल होंगे।
बता दें कि जब मोदी सरकार बनी थी, तो कुल 57 मंत्री बनाए गए थे। इनमें 24 कैबिनेट, नौ स्वतंत्र प्रभार और 24 राज्यमंत्री शामिल थे। हालांकि, इनमें से कई मंत्रियों के पास एक से अधिक मंत्रालय हैं। शिवसेना एवं अकाली दल के अलग होने और रामविलास पासवान के निधन के बाद कैबिनेट मंत्रियों की संख्या 21 रह गई है। एक राज्यमंत्री का भी निधन हुआ। इस प्रकार अभी कुल 53 मंत्री ही हैं, जबकि संविधान के अनुसार, मंत्रियों की संख्या 79 तक हो सकती है। बीते एक साल से करोना के चलते मंत्रिमंडल विस्तार की स्थितियां नहीं बन पाई थीं, लेकिन अब मंत्रिमंडल के विस्तार की तैयारी है।