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Parliament Session: अधिवक्ता संशोधन विधेयक 2023 लोकसभा में भी पारित, बहस के दौरान कानून मंत्री ने कही ये बात

Mon, 04 Dec 2023 06:31 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Parliament Session: अधिवक्ता (संशोधन) विधेयक, 2023 के प्रावधानों के मुताबिक, दलालों की सूची में नामित लोगों को अदालत परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। इस प्रावधान का उल्लंघन करने पर तीन महीने तक की कैद और जुर्माने की सजा हो सकती है।
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लोकसभा - फोटो : Social Media
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विस्तार
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अधिवक्ता (संशोधन) विधेयक, 2023 को सोमवार को लोकसभा में भी पारित कर दिया गया है। इस विधेयक का मकसद कानूनी पेशे को एक अधिनियम द्वारा विनयमित (रेगुलेट) करना और दलालों को लक्षित करना है। विधेयक पर बहस के दौरान कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि देश की अदालतों में दलालों की कोई भूमिका नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'कानूनी पेशा एक महान पेशा है। विधि आयोग को नई नई परिस्थितियों के अनुसार न्यायिक सुधार लाने का जनादेश दिया गया था। देश में अदालत परिसरों में दलालों की कोई भूमिका नहीं होनी चाहिए। इसलिए, यह महसूस किया गया कि संशोधन में दलालों से संबंधित प्रावधान होने चाहिए।' 

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बहस में कार्ति चिदंबरम ने क्या कहा
विधेयक पर बहस की शुरूआत करते हुए कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा कि अन्याय कहीं भी न्याय के लिए खतरा है और हमारे कानून प्रणाली से निपटने में जटिलता के कारण दलाल फलते-फूलते हैं।कर्नाटक के शिवमोगा से सांसद चिदंबरम ने कहा , 'शिक्षा, सत्ता और धन तक पहुंच के मामले में हमारे समाज में विषमता है। जिसके कारण कभी-कभी लोग नहीं जानते कि कानून प्रणाली को कैसे नेविगेट किया जाए। इसी का फायदा उठाया जाता है और कुछ लोग दलाल के रूप में सामने आते हैं। दलाल हमारी कानून प्रणाली से निपटने में मुश्किलों की वजह से पनपते हैं।' उन्होंने आगे कहा, 'हम संशोधन का काफी हद तक स्वागत करते हैं। हालांकि, मैं सरकार से अनुरोध करता हूं कि वह छोटी अदालतों में दलालों को निशाना बनाने के बजाय बड़ी मछलियों पर फोकस करे।' 
 
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विधेयक में क्या प्रावधान किए गए हैं
इससे पहले, मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा ने भी अधिवक्ता (संशोधन) विधेयक, 2023 पारित किया था। विधेयक में प्रावधान है कि प्रत्येक उच्च न्यायालय और जिला न्यायाधीश दलालों (जो किसी भी भुगतान के बदले कानूनी पेशेवरों के लिए ग्राहक लाते हैं) की सूची तैयार कर सकते हैं और प्रकाशित कर सकते हैं। प्रावधानों के मुताबिक, दलालों की सूची में नामित लोगों को अदालत परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। इस प्रावधान का उल्लंघन करने पर तीन महीने तक की कैद और जुर्माने की सजा हो सकती है।
 
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