सूत्रों के मुताबिक, सप्ताह के शुरू में पठानकोट जिले के नागल भूर में तीन संदिग्धों का पता चला था। यह सूचना, इंटेलिजेंस एजेंसियों के बीच साझा हुई थी। नागल भूर में जो तीन संदिग्ध देखे गए, उन्होंने बीएसएफ कैमो पैटर्न ड्रेस पहनी हुई थी। वे मिठाई की दुकान पर आए थे। नागल भूर क्षेत्र, पठानकोट जालंधर राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर स्थित है। पठानकोट से नागल भूर की दूरी लगभग 12 किलोमीटर है। अंतरराष्ट्रीय सीमा से यह दूरी 'एरियल' 26 किलोमीटर की है। बीएसएफ की जैकेट पहने तीनों संदिग्ध, प्रकाश सिंह की दुकान पर पहुंचे थे। वे हिंदी में बातचीत कर रहे थे। पठानकोट के गांव फुलरा वासी, प्रकाश ने सुरक्षा बलों को पूछताछ में बताया, वे तीनों बीएसएफ की वर्दी पहने हुए थे। प्रकाश सिंह के अनुसार, वे जूस पीकर चले गए। उन्होंने हिंदी भाषा में ही जूस मांगा था।
सुरक्षा बलों ने आसपास स्थित दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। सीसीटीवी फुटेज में संदिग्धों का कोई सुराग नहीं लग सका। पंजाब पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई है। आसपास के जिलों को सचेत किया गया है। जम्मू कश्मीर में सुरक्षा बल भी अलर्ट हैं। सूत्रों का कहना है, तीन संदिग्धों को लेकर सुरक्षा बल सतर्क हैं। आसपास के क्षेत्रों में सर्च अभियान शुरु किया गया है। बता दें कि जेएंडके के घने जंगलों में स्थित प्राचीन 'भूलभुलैया' गुफाओं में '56' पाकिस्तानी दहशतगर्द छिपे हैं। लगभग 32 लोकल आतंकी भी उनके साथ हैं। वे सैन्य बलों पर हमलों की फिराक में हैं।