गैर-इस्लामिक शादी के फैसले के खिलाफ पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा ने निचली अदालत का रुख किया है। फैसले के खिलाफ दोनों ने अलग-अलग निचली अदालतों में याचिका दायर की है।
कई मामलों में जेल की सजा काट रहे पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी ने शुक्रवार को पाकिस्तान के अलग-अलग निचली अदालत में गैर इस्लामिक शादी मामले में फैसले को चुनौती दी है। गौरतलब है कि मामले में दोनों को सात साल की जेल की सजा हुई थी और कोर्ट ने उनकी निकाह को वैध घोषित किया था।
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कोर्ट ने इमरान-बुशरा को सुनाई थी सजा
बता दें फरवरी माह के शुरुआत में एक ट्रायल कोर्ट पूर्व पीएम इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को इद्दत के दौरान शादी का अनुबंध करने के लिए सात साल की जेल की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक पर पांच लाख पाकिस्तान रुपये का जुर्माना लगाया था। पिछले साल नवंबर में बुशरा बीबी के पूर्व पति खाबर मेनका द्वारा कोर्ट में मामला दायर किया गया था।
इमरान खान-बुशरा बीबी ने फैसले को दी फिर से चुनौती
सजा काट रहे इमरान और बुशरा ने फैसले को चुनौती दी है। तमाम रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिला एवं सत्र कोर्ट को अपील पर सुनवाई करेगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि बुशरा बीबी ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को रद्द करने की मांग करते हुए अपने वकीलों के जरिए कोर्ट में अपील दायर की है। याचिका में कहा गया कि सिविल कोर्ट में सुनवाई ठीक से नहीं हुई थी।
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ट्रायल कोर्ट ने शादी को गैर-इस्लामिक घोषित किया था
पिछले महीने तोशखाना भ्रष्टाचार मामले में एक जवाबदेही अदालत द्वारा दंपति को 14 साल जेल की सजा सुनाए जाने के बाद बुशरा बीबी इस्लामाबाद में इमरान खान के बानी गाला निवास में बंद किया गया है। वहीं इमरान खान रावलपिंडी की उच्च सुरक्षा वाली अदियाला जेल में बंद हैं। इन दोनों को तोशखाना महंगे उपहार मामले और इद्दत मामले में कई वर्षों की सजा सुनाई गई है, जिसने उनकी शादी को गैर-इस्लामिक घोषित कर दिया था।