जी20 संसदीय अध्यक्षों के शिखर सम्मेलन (पी20) नई दिल्ली में समाप्त हुआ। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस समारोह में कहा, किसी भी मुद्दे को अलग-थलग करके नहीं देखा जा सकता। खासकर ऐसे समय में जब दुनिया एक दूसरे से जुड़ी है। यहां तक कि जी20 संसदीय अध्यक्षों के शिखर सम्मेलन (पी20) में नेताओं ने पश्चिम एशिया संघर्ष और अन्य मुद्दों को उठाया।
अहम वैश्विक चुनौतियों पर बात
भू-राजनीतिक मुद्दे पर पी20 शिखर सम्मेलन में अपने समापन वक्तव्य में, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि कुछ सदस्यों ने शनिवार को दो दिवसीय विचार-विमर्श के दौरान महत्वपूर्ण वैश्विक चुनौतियों और हालिया भू-राजनीतिक विकास का उल्लेख किया।
अंतरराष्ट्रीय व्यापार को प्रोत्साहित करने पर जोर
उन्होंने कहा कि कई सदस्यों ने विचार-विमर्श के लिए सूचीबद्ध विकास के एजेंडे से पीछे हटने का फैसला लिया और वैश्विक चुनौतियों और आर्थिक मुद्दों से संबंधित मामले उठाए। उन्होंने कहा, "कई सदस्यों ने पश्चिम एशिया की स्थिति का उल्लेख किया, जबकि कुछ अन्य ने बहुपक्षवाद को मजबूत करने, अंतरराष्ट्रीय व्यापार को प्रोत्साहित करने की जरूरत और लचीली सप्लाई चेन की जरूरत के बारे में बात की।
संसदीय कूटनीति को आगे बढ़ाने पर जोर
लोकसभा स्पीकर ने कहा, "मैंने इन संदर्भों को ध्यान से नोट किया है। आज की परस्पर जुड़ी दुनिया में, हम किसी भी मुद्दे को अलग-थलग करके नहीं देख सकते।" उन्होंने कहा कि शिखर सम्मेलन में अपनाए गए संयुक्त बयान में अंतरराष्ट्रीय शांति को बढ़ावा देने और संघर्षों और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करने के लिए संसदीय कूटनीति को आगे बढ़ाने की बात कही गई है।
विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन
शुक्रवार को अपनाए गए संयुक्त बयान में कहा गया, "हम अंतरराष्ट्रीय शांति, समृद्धि और सद्भाव को बढ़ावा देने का प्रयास करेंगे। प्रासंगिक मंचों पर संसदीय कूटनीति और बातचीत में करना जारी रखेंगे। इसमें संघर्षों और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करना भी शामिल है।"
अगले साल ब्राजील करेगा अध्यक्षता
बिड़ला ने कहा कि संयुक्त वक्तव्य को अपनाने से पी20 प्रक्रिया मजबूत हुई है। उन्होंने कहा, "मुझे विश्वास है कि सतत विकास लक्ष्यों, हरित ऊर्जा, महिला नेतृत्व वाले विकास सुनिश्चित करने के लिए जी20 तंत्र को और मजबूत करेंगे।" लोकसभा अध्यक्ष ने ब्राजील के चैंबर ऑफ डेप्युटीज के अध्यक्ष आर्थर सीजर परेरा डी लीरा को पी20 की अध्यक्षता भी सौंपी। बता दें कि अगले साल ब्राजील जी20 की अध्यक्षता करेगा।
आतंकवाद के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी
यूरोपीय संसद की रणनीति और नवाचार इकाई के प्रमुख पेक्का हाकाला ने भारत में जी20 संसदीय सम्मेलन के आयोजन पर कहा, भारत वास्तव में एक अद्भुत देश है। न केवल जी 20 पर बल्कि पी 20 की भी अध्यक्षता बहुत सफल रही है। मैं बहुत आभारी हूं कि पीएम मोदी ने आतंकवाद का उल्लेख किया। यह हमारे साझा बयान का भी हिस्सा है। लोगों के खिलाफ आतंक को किसी भी देश में और बिना किसी अवसर के उचित नहीं ठहराया जा सकता है। इसलिए यह कभी भी उपकरण नहीं हो सकता। हमें हमेशा समाधान खोजना चाहिए। आतंकवादियों को रोकना और कठिन परिस्थितियों में समाधान के लिए अन्य राजनीतिक रास्ते अपनाना वास्तव में हमारा आधार होना चाहिए।
पूर्व प्रधानमंत्रियों का म्यूजियम दिखाया
पी20 सम्मेलन में गणमान्य व्यक्तियों के साथ उनके जीवनसाथी भी भारत दौरे पर आए। इन लोगों को दिल्ली के प्रधानमंत्री संग्रहालय में आजाद भारत के सभी भारतीय प्रधानमंत्रियों के योगदान दिखाए गए। इन लोगों को नेशनल क्राफ्ट्स म्यूजियम और हस्तकला एकेडमी म्यूजियम भी दिखाया गया।
भारतीय संसद, लोकतंत्र के अग्रदूतों में से एक
पी 20 शिखर सम्मेलन पर बीजेडी सांसद डॉ. सस्मित पात्रा ने कहा, "मेरा मानना है कि पार्लियामेंट 20 (पी 20) असाधारण रूप से सफल रही है।" उन्होंने कहा कि मुख्य रूप से पी20 की सफलता को तीन उद्देश्यों के लिए याद किया जाएगा। इसने भारतीय संसदीय प्रणालियों और प्रक्रियाओं को बहुत मजबूत रोशनी में प्रदर्शित किया है। भारतीय संसद, लोकतंत्र के अग्रदूतों में से एक है। सर्वसम्मति से संयुक्त घोषणा और समग्र सहमति के वैश्विक मानकों के मामले में भारत छलांग लगा रहा है।
आतंकी कृत्यों की निंदा जरूरी
इस्राइल-हमास संघर्ष पर पात्रा ने कहा, "मेरा मानना है कि आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं है... बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों का कत्लेआम पूरी तरह से बर्बर है और सभ्य दुनिया इसमें कोई जगह नहीं है।" मेरा मानना है कि ऐसे आतंकवादी कृत्यों की निंदा की जानी चाहिए। इससे उचित तरीके से निपटा जाना चाहिए।
धनखड़ ने की पी-20 अध्यक्षों के लिए भोजन की मेजबानी
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 9वें जी 20 संसदीय शिखर सम्मेलन के अवसर पर सदस्य देशों के अध्यक्षों और प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों के लिए दोपहर के भोजन की मेजबानी की। इस मौके पर उपराष्ट्रपति ने अंतर-संसदीय संघ के अध्यक्ष के साथ वार्ता की। इस मौके पर अतिथियों को पारंपरिक अंदाज में भारतीय पकवान परोसे गए। इसमें श्री अन्न के सलाद से लेकर, महाराष्ट्र सोलकढ़ी और शोरेबे के अंदाज का सूप, गट्टे और मटर का विशेष रुप से बना पुलाव और रागी, मक्के व ज्वार बाजारा की रोटी का अतिथियों ने जमकर आंनद लिया।