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तमिलनाडु: 40 हजार से ज्यादा ब्राह्मण युवाओं की नहीं हो पा रही शादी, यूपी-बिहार में कर रहे दूल्हन की तलाश

Wed, 17 Nov 2021 05:42 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई

सार

तमिल ब्राह्मण युवाओं को इस समय अपने राज्य में उपयुक्त वधू तलाश करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एक ब्राह्मण संगठन के अनुसार 40 हजार से अधिक युवा ऐसे में जिन्हें यह समस्या आ रही है। इसके लिए संगठन ने उत्तर प्रदेश और बिहार में एक विशेष अभियान की शुरुआत की है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : istock
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विस्तार
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तमिलनाडु में 40 हजार से अधिक ब्राह्मण युवाओं के लिए राज्य के अंदर विवाह कर पाना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। इसके लिए प्रदेश में ब्राह्मणों के लिए एक संगठन ने समान समुदाय में उपयुक्त दूल्हन की तलाश के लिए उत्तर प्रदेश और बिहार में विशेष अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान को तमिलनाडु ब्राह्मण एसोसिएशन (थंब्रास) ने शुरू किया है।

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एसोसिएशन के अध्यक्ष एन नारायणन ने संगठन की मासिक पत्रिका के नवंबर अंक में एक खुला पत्र लिखा है। उन्होंने लिखा, 'हमने अपने संगम की ओर से एक विशेष अभियान शुरू किया है।' उन्होंने कहा कि मोटा अनुमान है कि 40 हजार से अदित तमिल ब्राह्मण पुरुषों का विवाह नहीं हो पा रहा है क्योंकि उन्हें तमिलनाडु में उपयुक्त रिश्ता नहीं मिल पा रहा है।

उन्होंने बताया कि ऐसे लोगों की उम्र 30 से 40 वर्ष के बीच है। अगर तमिलनाडु में 10 ब्राह्मण युवा विवाह योग्य हैं तो केवल छह लड़कियां हैं। नारायणन ने कहा कि इस अभियान को बढ़ाने के लिए नई दिल्ली, लखनऊ और पटना में समन्वयकों की नियुक्ति की जाएगी। इसके अलावा इन सबके समन्वय के लिए मुख्यालय पर एक व्यक्ति को नियुक्त किया जाएगा।
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समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार नारायणन ने कहा कि हम इस काम के लिए लखनऊ और पटना में संपर्क बनाए हुए हैं। मैंने इस संबंध में अपनी ओर से काम शुरू कर दिया है। संगठन की ओर से तमिल ब्राह्मण युवाओं के विवाह के लिए अभियान शुरू करने का कुछ ब्राह्मणों ने स्वागत किया है तो कुछ ने इससे अलग विचार भी व्यक्त किए हैं।

शिक्षाविद् एम परमेश्वरन ने इसे लेकर कहा कि युवाओं की शादी नहीं हो पा रही है इसके पीछे केवल यह कारण नहीं है कि विवाह योग्य आयु समूह में तमिल ब्राह्मण लड़कियां उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने आश्चर्य जताया कि क्यों दूल्हा-दूल्हन के माता-पिता बड़े व विशाल समारोह के जरिए विवाह कार्यक्रम आयोजित करना चाहते हैं, वह इसमें सादगी क्यों नहीं दिखाते।

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