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PM Modi Nepal visit : नेपाल के साथ हमारे संबंध अद्वितीय, बुद्ध पूर्णिमा पर कल लुंबिनी यात्रा से पहले पीएम का संदेश

Sun, 15 May 2022 01:09 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

लुंबिनी यात्रा के दौरान पीएम मोदी को बौद्ध विश्वविद्यालय की ओर से डॉक्टरेट की मानद उपाधि प्रदान की जाएगी। ये उपाधि पाने वाले वे पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनेंगे। 
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। - फोटो : ANI
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 मई को बुद्ध पूर्णिमा के मौके एक दिनी यात्रा पर नेपाल के लुंबिनी पहुंचेंगे। यहां से वे दुनिया को विश्व शांति का संदेश देंगे। यात्रा पर जाने से पहले रविवार को पीएम ने कहा कि नेपाल के साथ हमारे संबंध अद्वितीय हैं। पीएम शेर बहादुर देउबा से फिर मिलने का उत्सुक हूं। 

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लुंबिनी यात्रा के दौरान पीएम मोदी को बौद्ध विश्वविद्यालय की ओर से डॉक्टरेट की मानद उपाधि प्रदान की जाएगी। ये उपाधि पाने वाले वे पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनेंगे। रविवार को पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि भारत और नेपाल के बीच सभ्यतागत और लोगों से लोगों के संपर्क हमारे घनिष्ठ संबंधों की स्थायी इमारत बनाते हैं। नेपाल के साथ हमारे संबंध अद्वितीय हैं। 

पीएम ने कहा कि पिछले महीने पीएम देउबा की भारत यात्रा के दौरान हमारी सार्थक चर्चा के बाद मैं उनसे फिर से मिलने की प्रतीक्षा कर रहा हूं। हम कई क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करने के लिए अपनी साझा समझ का निर्माण करना जारी रखेंगे। 
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गौतम बुद्ध की जन्मस्थली है लुंबिनी, पीएम छह घंटे वहां बिताएंगे
सोमवार को लुंबिनी आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महामाया देवी मंदिर में विशेष पूजा के बाद भारतीय मठ का लोकार्पण करेंगे। वह भगवान गौतम बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी में छह घंटे बिताएंगे। इस दौरान वह अंतरराष्ट्रीय सभागार भवन में लगभग पांच हजार लोगों को संबोधित करेंगे।

बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर भी जाएंगे 
बुद्ध पूर्णिमा पर पीएम मोदी बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी (नेपाल) और महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर में भी शीश नवाएंगे। म्यांमार बुद्धविहार के सभागार में डीएम एस राजलिंगम ने बताया कि हेलीपैड पर उतरकर प्रधानमंत्री कार से मुख्य महापरिनिर्वाण मंदिर गेट तक पहुंचेंगे। वहां गेट से पुरातत्व नियमों का पालन करते हुए मंदिर जाएंगे और भगवान बुद्ध की लेटी प्रतिमा की विशेष पूजा-अर्चना कर चीवर चढ़ाएंगे। वह दो से पांच मिनट तक मंदिर में ही मेडीटेशन (ध्यान) भी करेंगे।

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