सांसद के शीतकालीन सत्र में बाधा डालने के लिए संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने विपक्ष को फटकार लगाई है। उन्होंने विपक्ष को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकार सांसदों को निलंबित करने के लिए इच्छुक नहीं थी, लेकिन विपक्षी पार्टी के कुछ सदस्य अपने ही सहयोगियों के निलंबन का अनुरोध लेकर आए थे।
प्रह्लाद जोशी का बड़ा खुलासा
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए प्रह्लाद जोशी ने कहा कि अगर विपक्षी को तीन नए आपराधिक कानूनों में कुछ गलत लगता है तो वह इसके खिलाफ अदालत में जा सकती है। सांसदों के निलंबन पर उन्होंने कहा, 'हमने उन्हें निलंबित नहीं किया था, हम उनसे अनुरोध कर रहे थे। लेकिन जब हमने कुछ सांसदों को निलंबित किया तो उनके कई सहयोगी हमारे पास निलंबन की मांग लेकर आए। कांग्रेस इस स्तर तक गिर गई है।'
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार के फ्लोर मैनेजर सदन में प्लेकार्ड लाने वाले सांसदों के खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी। प्रह्लाद जोशी ने आगे कहा, 'उन्होंने (सांसदों ने) हमसे कहा कि वे भी अनुशासनहीनता करेंगे और वह चाहते हैं कि उन्हें भी निलंबित किया जाए।' लोकसभा से 100 और राज्यसभा से 46 सांसदों को मिलाकर कुल 146 सांसदों को निलंबित किया गया है।