एक दिन पहले कोविंद ने मद्रास उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति मुनीश्वरनाथ भंडारी से मुलाकात की थी। एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि कोविंद ने आज दोपहर विचार-विमर्श को जारी रखते हुए दिल्ली के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गोरला रोहिणी और पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा के साथ चर्चा की। इसमें यह भी कहा गया कि परामर्श प्रक्रिया आने वाले दिनों में जारी रहेगी।
समिति ने 'एक राष्ट्र-एक चुनाव' के मुद्दे पर आम जनता और सियासी दलों से सुझाव मांगे हैं। इसमें कहा गया है कि सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों के पूर्व मुख्य न्यायाधीशों, संविधान विशेषज्ञों और पूर्व मुख्य चुनाव आयोग समेत प्रख्यात न्यायविदों से भी उनके विचार जानने के लिए संपर्क किया गया है।
इस समिति का गठन पिछले साल सितंबर में किया गया था। तबसे इसकी दो बैठकें हो चुकी हैं। आयोग ने हाल ही में राजनीतिक दलों को पत्र लिखा था और उनसे एक साथ चुनाव कराने को लेकर उनकी राय मांगी गई थी। आयोग ने बाद में दलों को रिमाइंडर भी भेजा। छह राष्ट्रीय, तेत्तीस राज्य स्तरीय और सात पंजीकृत गैर मान्यता प्राप्त दलों को पत्र भेजे गए थे। समिति ने एक साथ चुनाव को लेकर विधि आयोग के भी विचार सुने। इस मुद्दे पर विधि आयोग से फिर से चर्चा हो सकती है।