सूत्रों के अनुसार, कानून पैनल एक साथ चुनाव के मुद्दे पर विचार कर सकता है। साल 2018 में पिछली विधि आयोग ने लोकसभा और विधानसभा के चुनाव को एक साथ कराने के विचार का समर्थन किया था।
देश में एक साथ चुनाव कराने के मुद्दे पर विचार कर रहा विधि आयोग एक ही साल में दो चरणों में त्रिस्तरीय लोकतांत्रिक प्रक्रिया को अंजाम देने की संभावना पर गौर कर सकता है। पहले चरण में लोकसभा और विधानसभा के चुनाव कराए जाएंगे और दूसरे चरण में स्थानीय निकाय चुनाव कराए जा सकते हैं।
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सूत्रों के अनुसार, कानून पैनल एक साथ चुनाव के मुद्दे पर विचार कर सकता है। साल 2018 में पिछली विधि आयोग ने लोकसभा और विधानसभा के चुनाव को एक साथ कराने के विचार का समर्थन किया था। पिछली विधि आयोग ने कहा कि यह देश में लगातार चुनाव होने वाले चुनावों से बचाएगा। हालांकि, इस मुद्दे को लेकर उन्होंने सार्वजनिक तौर पर चर्चा की मांग की थी।
न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रितु राज अवस्थी के नेतृत्व वाली वर्तमान विधि आयोग ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव को एक साथ कराने की रिपोर्ट तैयार कर रही है। वहीं पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के नेतृत्व में एक राष्ट्र एक चुनाव पर उच्च स्तरीय समिति कोयह जिम्मेदारी सौंपा गया है कि लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय निकाय चुनाव एक साथ कैसे आयोजित कराए जा सकते हैं।