तेज बारिश में भी किसान संसद चलाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सारे मौसम में किसान अपने खेतों में रहते है। आज अन्नदाता न तो बारिश से परेशान है न ही गर्मी और न ही ठंड से परेशान है। हम केवल केंद्र में बैठी इस मोदी सरकार से परेशान है। आज हम जंतर मंतर पर कोई सुविधा लेने नहीं आए हैं। हम सभी यहां जायज मांगों की लड़ाई के लिए यहां उपस्थित हुए हैं। आज देश की संसद में सभी सांसद एसी में बैठे हैं लेकिन देश का अन्नदाता खुले में बैठकर अपने हक की लड़ाई लड़ रहा है। हम अपनी जमीन, खेती और किसानी को बचाने के लिए इसी तरह की लड़ाई आगे भी लड़ते रहेंगे।
मोदी सरकार कर रही है लोगों को परेशान
उन्होंने कहा कि आज सरकार संसद के अंदर और बाहर किसानों से चर्चा करने से बचते हुए दिखाई दे रही है। आज किसानों की लड़ाई देश के प्रमुख कॉरपोरेट घरानों, डब्ल्यूटीओ से है। मोदी सरकार आज डब्ल्यूटीओ और चुनिंदा उद्योगपतियों की गुलाम बन चुकी है। हम लोगों को परेशान नहीं कर रहे है। जबकि मोदी सरकार आम लोगों को परेशान कर रही हैं। लगातार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ रहे हैं और महंगाई भी आसमान पर पहुंच गई है। हमारा मकसद लोगों को कतई परेशान करना नहीं है। बल्कि अपने हक की लड़ाई लड़ना है। आज संसद के अंदर गैर-लोकतांत्रिक तरीके से कानूने पास किए जा रहे हैं। संसदीय परंपरा की हत्या की जा रही है। लाखों किसान अपनी मांगों को लेकर बॉर्डर पर बैठे हैं। अब तक 600 से ज्यादा किसान शहीद हो गए हैं, लेकिन केंद्र सरकार कोई सुध नहीं ले रही है।