ईशा आश्रम के कार्यकर्ता और स्थानीय लोगों ने मिलकर इस त्योहार को ध्यानलिंग और लिंग भैरवी मंदिर में मिट्टी के दीप जलाकर जलाकर मनाया। तीर्थकुंड, नंदी, आदियोगी आदि ईशा के अन्य स्थान है।
कोयंबटूर के ईशा आश्रम में कार्तिगई दीपम के मौके पर हजारों की संख्या में दीप जलाए गए। ईशा के कार्यकर्ता और स्थानीय लोगों ने मिलकर इस त्योहार को ध्यानलिंग और लिंग भैरवी मंदिर में मिट्टी के दीप जलाकर जलाकर मनाया। तीर्थकुंड, नंदी, आदियोगी आदि ईशा के अन्य स्थान है।
कार्तिगई दीपम को दक्षिणी भारत में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन भगवान कार्तिकेय की पूजा करते हैं। यह त्योहार पूरे दस दिनों तक चलता है। इस दिन लोग मिट्टी के दीये जलाकर भगवान कार्तिकेय की पूजा करते हैं। कार्तिकेय दीपम प्रकाश का त्योहार है। यह तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में मनाई जाने वाली मुख्य त्योहारों में से एक है। इस साल यह पर्व 26 नवंबर कार्तिक पूर्णिका के दिन मनाया गया।