बताया जा रहा है कि समिति में गृह मंत्रालय, कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग, जनजातीय मामलों के मंत्रालय, कानूनी मामलों के विभाग और सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के सचिव शामिल हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई समय से इस बात पर ध्यान दे रहे हैं कि गरीब-मजबूर लोगों को योजनाओं का लाभ मिल सके। इसी को लेकर, पीएम के निर्देश पर मदिगा जैसे अनुसूचित जाति समुदायों के हितों की रक्षा के लिए उठाए जाने वाले प्रशासनिक कदमों की जांच के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति गठित की गई है।
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यह समिति उन प्रशासनिक कदमों की जांच करेगी, जिसमें अनुसूचित जाति के समुदायों जैसे मदिगा और ऐसे अन्य समूहों द्वारा शिकायत की गई है कि उन्हें लाभों का उचित हिस्सा समान रूप से नहीं मिल रहा है। साथ ही सुनिश्चित करेगी की सभी लाभार्थियों को लाभ मिल सके।
मामले से जुड़े एक सूत्र ने यह जानकारी दी है। बताया जा रहा है कि पीएम के निर्देश पर मंत्रिमंडल सचिव की अध्यक्षता में सचिवों की एक समिति गठित की गई है।यह अनुसूचित जाति समुदायों के हितों की रक्षा के लिए उठाए जाने वाले कदमों की जांच करेगी।
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समिति में गृह मंत्रालय, कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग, जनजातीय मामलों के मंत्रालय, कानूनी मामलों के विभाग और सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के सचिव शामिल हैं। सचिवों की समिति की पहली बैठक 23 जनवरी यानी मंगलवार को होगी