हालांकि दुनिया को नए कोविड 19 वैरिएंट ओमिक्रॉन के बारे में अधिक जानकारी का इंतजार है, लेकिन विशेषज्ञों ने इसे लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। एक स्वास्थ्य विशेषज्ञ के अनुसार, इसकी उच्च संक्रमण क्षमता लेकिन संभवतः कम घातकता को ध्यान में रखते हुए भारत को एक संभावित तीसरी लहर से लड़ने के लिए तैयार रहना चाहिए।
अभी और जानकारी का इंतजार
शनिवार को समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, बीबीनगर के कार्यकारी निदेशक डॉ. विकास भाटिया ने संभावित लहर में हाइब्रिड प्रतिरक्षा की मदद के बारे में बात करते हुए कहा कि यह भविष्यवाणी करना बहुत मुश्किल है क्योंकि अब तक करीब 30 से अधिक देशों ने एक या अधिक मामलों की सूचना दी है, लेकिन हम अभी भी कुछ और जानकारी की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
इसलिए, इस चरण में हमें खुद को तैयार करना चाहिए कि एक तीसरी लहर आ सकती है। लेकिन साथ ही यह भी अच्छी खबर हो सकती है कि यह वायरस ओमाइक्रोन बहुत घातक साबित नहीं हो। अभी तक दुनिया के किसी भी हिस्से से किसी की मौत की सूचना नहीं मिली है।
संक्रमण और बीमारी के सामने आने में लंबा अंतर
उन्होंने कहा, यह एक हल्की बीमारी हो सकती है। संभवतः दक्षिण अफ्रीका जैसे कुछ देशों में यह देखा जा रहा है कि संक्रमण और बीमारी के सामने आने के बीच का अंतर थोड़ा लंबा है। और जब यह डेल्टा वायरस से अधिक लंबा होता है, तो संभावना होती है कि यह अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सकता है और उन्हें संक्रमित कर सकता है। अब, यदि संचरण दर अधिक है, लेकिन इसकी लोगों की जान लेने की शक्ति कम है, तो यह लोगों के बीच फैल सकता है और प्रतिरक्षा उत्पन्न कर सकता है।
ऑक्सीजन में गिरावट आना होगा चिंताजनक
डॉ. भाटिया ने कहा कि अगर ओमिक्रॉन वैरिएंट के कारण ऑक्सीजन के स्तर में गिरावट आती है, तो यह चिंता का विषय होगा। लेकिन उनका मानना है कि देश भर में चल रहे टीकाकरण कार्यक्रम के कारण ऐसी समस्या नहीं आनी चाहिए। हमें बीमारी के आगे फैलने के बारे में ज्यादा परेशान नहीं होना चाहिए क्योंकि टीकाकरण कार्यक्रम भी चल रहा है।
कार्यकारी निदेशक ने हाइब्रिड इम्युनिटी को ओमिक्रॉन के खिलाफ सुरक्षा बताते हुए कहा कि जब हम कोविड के संबंध में हाइब्रिड के बारे में बात करते हैं, तो इसका मतलब है कि हम उस प्रतिरक्षा के बारे में बात कर रहे हैं जो संक्रमण और प्रतिरक्षा के माध्यम से हासिल की गई है जिसे टीकाकरण के माध्यम से हासिल किया गया है। जब ये दोनों एक साथ काम करते हैं तो हम इसे हाइब्रिड कहते हैं।
डॉ. भाटिया ने बताया कि जब ये दोनों एक साथ काम करते हैं तो हम इसे हाइब्रिड कहते हैं। इसलिए हाइब्रिड इम्युनिटी पहले से मौजूद है क्योंकि बड़ी संख्या में लोग पहले ही कोविड के संपर्क में आ चुके हैं। लोगों के पास कोरोना खिलाफ प्रतिरक्षा हो सकती है क्योंकि टीकाकरण जनवरी से चल रहा है। तो एक साथ यह हाइब्रिड इम्युनिटी हो जाता है।