क्रिसमस, न्यू ईयर के मद्देनजर नाइट कर्फ्यू पर बिना देरी फैसला लें : केंद्र
ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों के मद्देनजर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को राज्यों को सलाह दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने बृहस्पतिवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये राज्यों के सचिवों के साथ बैठक में सलाह दी कि क्रिसमस, न्यू ईयर व त्योहारों को देखते हुए अगर नाइट कर्फ्यू लगाने की स्थिति नजर आती है तो राज्य फैसला लेने में देरी न करें।
कंटेनमेंट जोन और उसके आसपास बफर जोन में सभी तरह की गतिविधियों पर सख्ती के साथ रोक और यहां के प्रत्येक सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग कराना अनिवार्य है। जांच और निगरानी के अलावा अस्पतालों में चिकित्सीय प्रबंधन और सतर्कता व्यवहार में कमी नहीं आनी चाहिए। भूषण ने कहा, हर राज्य को आरटी पीसीआर और एंटिजन जांच में अंतर समझना चाहिए।
संक्रमण के स्रोत का पता लगाने के लिए यह जरूरी है कि हर दिन 60 फीसदी जांच आरटी पीसीआर तकनीक के जरिये हों। इसे बढ़ाया भी जा सकता है लेकिन 60 फीसदी कम नहीं होना चाहिए।वहीं, मंत्रालय ने राज्यों को सलाह दी कि जिस जिले में संक्रमण दर 10 फीसदी या उससे अधिक होने पर प्रतिबंध लगाए जाएं।
संक्रमण दर कम होने के बावजूद अस्पतालों में कोरोना मरीजों में 40 फीसदी तक की बढ़ोतरी पर भी प्रतिबंध लगाना चाहिए। प्रतिबंध कम से कम दो सप्ताह तक लागू रहना चाहिए। बैठक में स्वास्थ्य मंत्रालय के अलावा दिल्ली एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया और आईसीएमआर के महामारी विशेषज्ञ डॉ. समीरन पांडा भी मौजूद थे।