Maharashtra: मुंबई अपराध शाखा की तरफ से जाली दस्तावेजों के जरिए दक्षिण कोरिया में मानव तस्करी करने के आरोप में एक लेफ्टिनेंट कमांडर रैंक के अधिकारी को गिरफ्तार किया गया है। इसके बाद, भारतीय नौसेना ने कहा कि वो कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करेगी।
भारतीय नौसेना के एक लेफ्टिनेंट कमांडर रैंक के अधिकारी को मुंबई अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया है। नौसेना अधिकारी पर जाली दस्तावेजों के जरिए दक्षिण कोरिया में मानव तस्करी करने का आरोप है। वहीं इस मामले में भारतीय नौसेना ने कहा कि वो कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करेगी। वहीं भारतीय रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस मामले में कहा कि भारतीय नौसेना अपने कर्मियों से हमेशा आचरण के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
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मुंबई के कोलाबा से हुई गिरफ्तारी
जानकारी के मुताबिक 28 वर्षीय लेफ्टिनेंट कमांडर विपिन कुमार डागर को दक्षिण मुंबई के कोलाबा से गुरुवार को गिरफ्तार किया गया। जो मानव तस्करी में शामिल एक गिरोह का हिस्सा है और पैसे के लिए जाली दस्तावेजों के जरिए लोगों को दक्षिण कोरिया भेज रहा था। पुलिस के मुताबिक विपिन डागर के सहयोगियों ने कबूल किया है कि उन्होंने इस तरह से आठ-10 लोगों को पूर्वी एशियाई देश भेजा था और सभी से 10-10 लाख रुपये लिए थे।
मुंबई में कोरिया से मिली थी शिकायत
रक्षा प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, भारतीय नौसेना को मुंबई में कोरिया गणराज्य (आरओके) वाणिज्य दूतावास से एक अधिकारी के दुर्व्यवहार की शिकायत मिली थी। वहीं नौसेना की तरफ से जांच करने पर पाया गया कि इस मामले के संभावित तार फर्जी वीजा रैकेट गिरोह से जुड़े हैं। इसके अनुसार, भारतीय नौसेना ने ये जानकारी सिविल पुलिस को दी, जिसने मामले में विस्तृत जांच शुरू की। प्रवक्ता ने आगे कहा कि नौसेना कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है और अपने कर्मियों को हमेशा आचरण के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
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हरियाणा का रहने वाला है नौसेना अधिकारी
मामले में मुंबई पुलिस की तरफ से बताया गया कि कहा कि 28 वर्षीय लेफ्टिनेंट कमांडर विपिन कुमार डागर हरियाणा का रहने वाला है और एक वायु सेना कर्मी का बेटा है। फिलहाल नौसेना अधिकारी को 5 जुलाई तक पुलिस हिरासत में रखा गया है।