ओडिशा सरकार ने राज्य विधानसभा को बताया कि बीते चार सालों में बिजली गिरने के कारण 1621 लोगों की मौत हो गई। राज्य के राजस्व व आपदा प्रबंधन मंत्री सुदाम मरांडी ने शुक्रवार को बताया कि मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये का मुआवजा दिया गया है। राज्य सरकार ऐसे हादसे रोकने के लिए सेंसर लगा रही है।
मंत्री मरांडी ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि 2017-18 के बाद बीते चार सालों में बिजली गिरने से सर्वाधिक 161 मौतें मयूरभंज जिले में, गंजाम में 123, क्योंझर में 119 व बालासोर में 109 मौतें हुईं। बीते चार सालों में आकाशीय बिजली गिरने से 73 लोग जख्मी हुए है। मलकानगिरी में सर्वाधिक 12 लोग घायल हुए हैं।
हादसे रोकने के लिए किया करार
राजस्व मंत्री ने बताया कि बिजली गिरने से होने वाली मौतों को रोकने के लिए सरकार ने अर्थ नेटवर्क्स के साथ करार किया है। क्योंझर, बोलांगीर, बहरामपुर, जेयपुर, राउरकेला, भुवनेश्वर और पणिकोइली में सेंसर लगाए गए हैं। ताकि लोगों को बिजली गिरने की पूर्व चेतावनी दी जा सके। मंत्री मरांडी ने बताया कि इन सेंसरों की 200 से 250 किलोमीटर की रेंज में बिजली गिरने की चेतावनी देने की क्षमता है।
सभी दलों ने सक्रिय रूप से प्रश्न पूछे
ओडिशा विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन सभी दलों ने प्रश्नकाल में सक्रिय भूमिका निभाई और सवाल पूछे। पहले तीन दिन विपक्षी भाजपा व कांग्रेस के हंगामे के कारण बर्बाद हुए। ये दल राज्य के कानून मंत्री प्रदीप जेना का इस्तीफा मांग रहे थे। कटक जिले के महंग में हुए दोहरे हत्याकांड में उनकी कथित भूमिका को लेकर विपक्ष उनका इस्तीफा मांग रहा है।