87 हजार से अधिक सार्वजनिक स्थानों का टीमें करेंगी निरीक्षण
सर्वेक्षण में गांव, जिला और राज्यों को कुछ निर्धारित मानकों का प्रयोग करके रैंकिंग दी जाएगी। इस सर्वेक्षण के तहत देशभर के 698 जिलों के 17,475 गांवों को कवर किया जाएगा। इन 17,450 गांवों, जिला और फिर राज्य की रैंकिंग के सर्वेक्षण के लिए 87,250 सार्वजनिक स्थानों (स्कूल, आंगनवाड़ी, सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्र, हाट/बाजार/धार्मिक स्थल) का दौरा किया जाएगा।
स्वच्छता सर्वेक्षण में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी हो सके, उसके लिए ऑनलाइन एप्लिकेशन बनाई गई है। लोगों को एप्लिकेशन का इस्तेमाल करके स्वच्छता संबंधी मुद्दों पर फीडबैक देने के लिए प्रेरित किया जाएगा। पिछली बार मोबाइल एप्लिकेशन पर तीन करोड़ फीडबैक आए थे। इस बार इसके चार करोड़ से ऊपर पहुंचने की संभावना है। पेयजल और स्वच्छता विभाग ने इससे पहले वर्ष 2018 और 2019 में स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण कराया था।
कोरोना महामारी के बीच वर्ष 2020 में यह सर्वेक्षण नहीं कराया गया। यह सर्वेक्षण केवल रैंकिंग देने की प्रक्रिया तय करने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वच्छता की आदत को एक जनांदोलन बनाने का कार्यक्रम है।