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राहत: अब खेतों में करोड़ों किसानों की नहीं बर्बाद होगी फसल, केंद्र सरकार की इस योजना से बचेंगे अरबों रुपए

सार

Cold Chain Scheme: जम्मू कश्मीर में आयोजित इस कांफ्रेंस में राष्ट्रीय कोल्ड चेन विकास केंद्र के और केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि किस तरीके से उनके नेटवर्क और केंद्र सरकार की योजना के माध्यम से किसानों की बर्बाद होने वाली फसल को मजबूत कोल्ड चेन नेटवर्क के माध्यम से बर्बाद होने से बचाया जा सकता है।
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टमाटर की फसल - फोटो : संवाद
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विस्तार
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देश में किसानों की फसल मौसम की मार से या अन्य वजह से खेतों में पड़े पड़े बर्बाद न हो इसके लिए केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। केंद्र सरकार और कृषि मंत्रालय की योजना यही है कि विपरीत परिस्थितियों और मौसम की मार के चलते बर्बाद होने वाली किसानों की फसल को राष्ट्रीय कोल्ड चैन के माध्यम से न सिर्फ बचाया जाए। बल्कि फसल की बर्बादी से किसानों के अरबों रूपयों के होने वाले नुकसान को भी न होने दिया जाए। इस संबंध में राष्ट्रीय कोल्ड चेन विकास केंद्र और केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने कोल्ड चेन सम्मेलन के माध्यम से किसानों और उद्यमियों से मुखातिब होकर इस योजना को और विस्तार से देश में आगे बढ़ने पर चर्चा की।

6 से 7 साल के दौरान कोल्ड चेन के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई

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जम्मू कश्मीर में आयोजित इस कांफ्रेंस में राष्ट्रीय कोल्ड चेन विकास केंद्र के और केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि किस तरीके से उनके नेटवर्क और केंद्र सरकार की योजना के माध्यम से किसानों की बर्बाद होने वाली फसल को मजबूत कोल्ड चेन नेटवर्क के माध्यम से बर्बाद होने से बचाया जा सकता है। एनसीसीडी के सीओओ आशीष फोतेदार कहते हैं कि कोल्ड चेन के विकास में लगातार किए जा रहे काम से किसानो की फसलों को न सिर्फ बचाया जा रहा है बल्कि मौसम की मार से होने वाले नुकसान से भी किसानो को केंद्र सरकार बचा रही है। वह कहते हैं कि बीते 6 से 7 साल के दौरान कोल्ड चेन के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति भी हुई है और लगातार केंद्र खुलते जा रहे हैं।

कोल्ड चेन के कारण किसानों की उत्पादकता बढ़ रही
जम्मू कश्मीर में आयोजित किए गए इस कोल्डचेन सम्मेलन में हिमालय क्षेत्र के किसानों की फसलों को बचाने और उनके नुकसान को रोकने के लिए न सिर्फ जानकारियां साझा की गई बल्कि समूचे देश के किसानों के लिए एक बड़े रोड मैप को तैयार किया गया। कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे केंद्रीय कृषि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी आशीष फोतेदार बताते हैं कि इस तरीके से लगातार स्टोरेज किसानों की फसल को न सिर्फ बचा रहे हैं बल्कि उनकी उत्पादकता को बढ़ा रहे हैं वह देश में कृषि के क्षेत्र में किसानों के लिहाज से सबसे बेहतरीन और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि भारत में प्रत्येक खाद्य उत्पादन केंद्र पर सस्ते शीत भंडार और शीत श्रृंखलाओं की आवश्यकता थी। इसलिए केंद्र सरकार एक अभियान के तहत समूचे देश में शीत भंडार सुविधा को आगे बढ़ा रही है।

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फसल को एक नियमित तापमान पर रखकर उसको बर्बाद होने से बचाया जा सकता है
इस कार्यक्रम के दौरान संयुक्त सचिव प्रिया रंजन ने हिमालयी क्षेत्र में टिकाऊ कोल्ड चेन विकास की जरूर बताते हुए कहा कि ठंडे क्षेत्रों में किसानों की भी फसल को एक नियमित तापमान पर रखकर उसको बर्बाद होने से बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा इसके लिए केंद्र सरकार न सिर्फ लगातार बेहतर प्रयास कर रही है बल्कि नए सेंटर्स के माध्यम से किसानों की फसल को बचा रही है और ज्यादा से ज्यादा लोगों को इससे जुड़ने के लिए अपील भी कर रही है। किसानों के साथ-साथ उद्यमी भी आगे जाकर देश में किसानों की बेहतरीन के लिए काम कर सकें। केंद्र सरकार इसके लिए कई तरह की रियायतें भी दे रही है।

अब तक अरबों रुपए की फसल को बर्बाद होने से बचाया गया
देश में केंद्र सरकार की ओर से किसानों की फसलों को बचाने के लिए राष्ट्रीय कोल्ड चेन व्यवस्था से किसानों की अब तक अरबों रुपए की फसल को बर्बाद होने से बचाया गया है। आंकड़े बताते हैं कि सिर्फ भारत में ही किसानों को फसल कटाई के बाद प्रति वर्ष तकरीबन 92 हजार करोड़ रुपए का नुकसान होता है। इसका मुख्य कारण फसल का बेहतर तरीके से भंडारण ना होना और सही जगह पर फसल को पहुंचाने के लिए परिवहन व्यवस्था का मजबूत न होना है। कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि किसानों की फसल को सुरक्षित और उनके भंडारण के बेहतर उपाय को समूचे देश में मजबूती से लागू करने से उनके अरबों रुपयों के नुकसान से बचाया जा सकेगा। केंद्र सरकार के आंकड़े बताते हैं कि पहाड़ी इलाकों से लेकर मैदानी इलाकों और समुद्री क्षेत्र के किसानों की फसल को न सिर्फ इस व्यवस्था के माध्यम से बचाया जा रहा है बल्कि उनकी उत्पादकता को भी बढ़ाया जा रहा है।

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