केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर राज्य में चल रहे राष्ट्रीय राजमार्गों के काम रोकने की चेतावनी दी है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि शिवसेना के कार्यकर्ता न केवल निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्गों के काम में दखल दे रहे हैं बल्कि वे जमकर गुंडागर्दी भी कर रहे हैं।
गडकरी ने पत्र में लिखा है कि महाराष्ट्र के वाशिम जिले में नेशनल हाईवे का काम शुरू है। लेकिन इस विकास काम में शिवसेना के कार्यकर्ताओं का सीधे दखल देने की शिकायतें मिली हैं।
उन्होंने पत्र में कहा है कि नांदेड और अकोला में 202 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण का काम चल रहा है। इसमें मेदासी से वाशिम और वाशिम शहर के लिए एक 12 किलोमीटर लंबे बाइपास का निर्माण भी शामिल है लेकिन शिवसेना के जनप्रतिनिधियों ने बाईपास और मुख्य सड़क का काम रोक दिया है।
इसी तरह मालेगांव से रिसोद राष्ट्रीय राजमार्ग का काम भी शिवसेना के स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने रोक दिया है। शिवसेना कार्यकर्ताओं की तरफ से ठेकेदार को धमकी दी जा रही है और सड़क निर्माण में लगी मशीन को आग लगा दी गई है।
गडकरी ने चेतावनी दी है कि अगर शिवसेना इसी तरह से राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास में दखल देती रही तो न केवल सड़क का काम रोकना पड़ेगा बल्कि केंद्र सरकार को महाराष्ट्र में राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में मंजूरी देने पर गंभीरता से विचार करना होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री ठाकरे से कहा है कि अगर वे इस पर कठोर कार्रवाई नहीं करते हैं तो महाराष्ट्र और जनता को नुकसान होगा।
सीएम ठाकरे ने डीजीपी को दिए जांच के आदेश
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने केंद्रीय मंत्री गडकरी के पत्र को गंभीरता से लेते हुए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को मामले की जांच करने का आदेश दिया है।
गृह विभाग के उपसचिव संजय खेडेकर ने गडकरी के पत्र का संदर्भ देते हुए डीजीपी को पत्र लिखा है जिसमें ठेकेदार की तरफ से स्थानीय शिवसेना जनप्रतिनिधि के खिलाफ दी गई शिकायत और दर्ज किए मामले की विस्तृत जानकारी मांगी गई है।
गडकरी को कांग्रेस का मिला समर्थन
इधर, कांग्रेस ने नितिन गडकरी का समर्थन किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि अगर राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण में कोई अड़चन पैदा कर रहा है तो कांग्रेस नितिन गडकरी का समर्थन करेगी। लेकिन, यह भी देखना होगा कि उन्होंने कहीं यह पत्र दिल्ली वालों के दबाव में तो नहीं लिखा है क्योंकि जब भाजपा-शिवसेना 25 साल तक एक साथ थी तो ऐसी नौबत नहीं आई थी।