कनाडा से जारी तनाव के बीच राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने खालिस्तानी आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। जांच एजेंसी ने बुधवार को हरविंदर सिंह संधू उर्फ ‘रिंदा’ और लखबीर सिंह संधू उर्फ ‘लांडा’ सहित प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के पांच सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए सूचना देने वाले को नकद इनाम दिए जाने की घोषणा की।
इसके अलावा एनआईए ने देश में आतंकी-गैंगस्टर नेटवर्क को खत्म करने के लिए पिछले साल दर्ज दो मामलों की जांच में वांछित 54 व्यक्तियों की तस्वीरें जारी की हैं। तस्वीरों के साथ दो सूची सोशल मीडिया पर साझा की गई है। पहली सूची में 11 और दूसरी में 43 व्यक्तियों का नाम शामिल हैं। इनमें से कई का कनाडा और खालिस्तान से कनेक्शन बताया जा रहा है।
इस सूची में गोल्डी बराड़, लॉरेंस बिश्नोई, अनमोल बिश्नोई और अर्शदीप सिंह गिल सहित कई वांछित गैंगस्टर शामिल हैं। एजेंसी ने मोबाइल नंबर साझा करते हुए कहा कि यदि आपके पास इनके नाम पर या इनके सहयोगियों, दोस्तों और रिश्तेदारों के स्वामित्व वाली संपत्तियों, परिसंपत्तियों या व्यवसाय के बारे में कोई जानकारी है, तो कृपया व्हाट्सएप पर सूचित करें।
आतंकी रिंदा और लांडा पर 10-10 लाख का इनाम
एनआईए ने सूचीबद्ध आतंकवादी हरविंदर सिंह संधू उर्फ रिंदा और लखबीर सिंह संधू उर्फ लंडा पर 10-10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। इनके बारे में सूचना देने वालों को यह राशि दी जाएगी। आतंकवादियों के तीन सहयोगियों, परमिंदर सिंह, सतनाम सिंह और यादविंदर सिंह के बारे में जानकारी देने वाले को पांच-पांच लाख रुपये का नकद इनाम देने का एलान एजेंसी ने किया है। ये सभी बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़े हैं।
लोगों से एनआईए ने क्या अपील की?
एनआईए लॉरेंस बिश्नोई समेत पांच आतंकी-गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े लोगों की तस्वीरें जारी की हैं। लोगों से कहा गया कि अगर उनके पास इन लोगों के नाम पर या स्वामित्व वाली संपत्तियों, परिसंपत्तियों और व्यवसाय के बारे में कोई जानकारी है तो तुरंत एनआईए को सूचना दें। जांच एजेंसी ने यह भी कहा कि इन लोगों के सहयोगियों, दोस्तों और रिश्तेदारों के नाम पर भी अगर कुछ है तो उसकी भी सूचना दी जा सकती है। एनआईए ने इसके लिए व्हाट्सएप नंबर +91-7290009373 जारी किया है।
भारत-कनाडा के रिश्तों में आई खटास
इससे पहले कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने सोमवार को कनाडा की संसद के निचले सदन हाउस ऑफ कॉमंस में अपने संबोधन में कहा था कि कनाडा की विभिन्न सुरक्षा एजेंसी कनाडाई नागरिक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या और भारत सरकार के एजेंट के बीच संभावित संबंधों के पुख्ता आरोपों की पूरी सक्रियता से जांच कर रही हैं। भारत ने आरोपों को बेतुका और निहित स्वार्थों से प्रेरित बताते हुए मंगलवार को खारिज कर दिया था। मामले में एक भारतीय अधिकारी को कनाडा द्वारा निष्कासित किए जाने के जवाब में एक वरिष्ठ कनाडाई राजनयिक को देश से निष्कासित कर दिया। दोनों देशों ने अपने-अपने नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी भी जारी की।
कनाडा ने साथी देशों से मांगा समर्थन, पर बात नहीं बनी
मीडिया रिपोर्ट की मानें तो ट्रूडो ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन सहित कनाडा के कुछ करीबी सहयोगी देशों के नेताओं को मामले के बारे में जानकारी दी। हालांकि, किसी ने भी खुलकर कनाडा का समर्थन नहीं किया।
खालिस्तान समर्थकों के मामले पर भारत की दो टूक
भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि खालिस्तान समर्थकों के कनाडा में पनाह लेने की बात नई नहीं है। मामले पर कनाडा सरकार की निष्क्रियता लंबे समय से और लगातार चिंता का विषय है। कनाडा के नेताओं का ऐसे तत्वों के प्रति खुलेआम सहानुभूति जताना भी गहरी चिंता का विषय है। हत्या, मानव तस्करी और संगठित अपराध सहित कई अन्य अवैध गतिविधियों के लिए कनाडा में जगह मुहैया कराया जाना कोई नई बात नहीं है।