राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने चार राज्यों में 19 जगहों पर छापे मारकर प्रतिबंधित आतंकी संगठन आईएस के बेल्लारी मॉड्यूल की आईईडी धमाकों की एक बड़ी साजिश नाकाम कर दी। दिल्ली, कर्नाटक, महाराष्ट्र और झारखंड में एनआईए के छापों के दौरान बेल्लारी मॉड्यूल के नेता मिनाज उर्फ मोहम्मद सुलेमान समेत आठ गुर्गों को गिरफ्तार किया गया है।
एनआईए की तरफ से जारी एक बयान के मुताबिक, जांच एजेंसी ने सोमवार सुबह दिल्ली के अलावा कर्नाटक के बल्लारी और बंगलूरू, महाराष्ट्र में अमरावती, मुंबई और पुणे, झारखंड में जमशेदपुर और बोकारो में छापे मारे। इस दौरान एनआईए को पता चला कि आईएस का बेल्लारी मॉड्यूल बड़ी आतंकी घटनाओं खासकर आईईडी धमाकों की साजिश रच रहा था। इस दौरान गिरफ्तार किए गए एजेंट आईएस के नापाक मंसूबों को अंजाम देने की कोशिश कर रहे थे और इनकी अगुआई मिनाज उर्फ सुलेमान कर रहा था।
एनआईए के मुताबिक, ताजा कार्रवाई भारत के खिलाफ इस्लामिक स्टेट की आतंकवाद विरोधी साजिश के खिलाफ एनआईए की एक बड़ी सफलता है। यह अभियान कर्नाटक, महाराष्ट्र, झारखंड और दिल्ली पुलिस के बीच समन्वय के माध्यम से चलाया गया। जांच एजेंसी ने बताया कि मिनाज उर्फ मोहम्मद सुलेमान और सैयद समीर को बल्लारी से, अनस इकबाल शेख को मुंबई से, मोहम्मद मुनीरुद्दीन, सैयद समीउल्लाह उर्फ सामी, मोहम्मद मुजम्मिल को बंगलूरू से, शायान रहमान उर्फ हुसैन को दिल्ली से और मोहम्मद शाहबाज उर्फ जुल्फिकार उर्फ गुड्डु को जमशेदपुर से गिरफ्तार किया गया।
एन्क्रिप्टेड एप के जरिये एक-दूसरे के संपर्क में थे
जांच के दौरान पता चला है कि गिरफ्तार एजेंट एन्क्रिप्टेड एप्स के जरिये एक-दूसरे के संपर्क में थे। आईएस के इशारे पर आतंकियों की भर्ती के लिए ये एजेंट युवाओं खासकर कॉलेज के छात्रों को निशाना बना रहे थे। उन्हें जिहाद के उकसाने के साथ मुजाहिदीन की भर्ती से संबंधित दस्तावेज का प्रसार भी कर रहे थे।
हथियार और नकदी भी जब्त
एनआईए के मुताबिक, छापे के दौरान सल्फर, पोटेशियम नाइट्रेट, चारकोल, गनपाउडर, चीनी और इथेनॉल जैसी सामग्री बरामद की गई है, जिसका इस्तेमाल आतंकी हमलों के लिए विस्फोटक तैयार करने में किया जाना था। इसके अलावा तेज धार वाले हथियार, बेहिसाब नकदी और साजिश को अंजाम देने से जुड़े कुछ आपत्तिजनक दस्तावेजों को भी जब्त किया गया है। गिरफ्तार गुर्गों के पास स्मार्टफोन और अन्य डिजिटल डिवाइस भी मिली हैं।
चार दिन पहले दर्ज किया केस
एनआईए ने गत 14 दिसंबर को आईएस से प्रेरित बल्लारी मॉड्यूल के खिलाफ मामला दर्ज किया था। तबसे इस मॉड्यूल के सदस्यों को ट्रैक करने और पकड़ने के लिए राज्य पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर अभियान चलाया जा रहा था। गौरतलब है कि आतंकवाद रोधी एजेंसी ने हाल के महीनों में व्यापक कार्रवाई करते हुए विभिन्न आईएसआईएस मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। छापों के दौरान कई आतंकियों को गिरफ्तार भी किया गया है।
महाराष्ट्र में 43 और कर्नाटक में एक जगह मारे गए थे छापे
एनआईए ने नौ दिसंबर को महाराष्ट्र के 43 और कर्नाटक के एक ठिकाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया। महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा ठाणे रूरल में 31 जगहों, पुणे में दो, ठाणे सिटी में 9, भायंदर में एक जगह पर छापा मारा था। जांच एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक, एनआईए ने आईएस से जुड़े एक नेटवर्क को ढूंढ़ निकाला था, जो भारत में आईएस की विचारधारा को फैलाने की कोशिश कर रहे थे। इस पूरे नेटवर्क को विदेश में बैठे हैंडलर्स चला रहे थे। इन लोगों ने ठाणे के पड्घा गांव को फ्री जोन घोषित करके अल शाम का नाम दिया था। ये अरबी का शब्द है, जिसे अल दौलतुल इस्लामिया फिल इराक वल शाम के शॉर्ट फॉर्म के रूप में इस्तेमाल करते हैं। इसे ग्रेटर सीरिया के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
पुणे से पकड़े थे सात आरोपी आईईडी बनाने में माहिर
आईएस मॉड्यूल केस में एनआईए ने पुणे में पहले भी कार्रवाई की थी। यहां से सात लोगों को पकड़ा गया था। छह नवंबर को इन सात आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। 12 नवंबर को खुलासा हुआ था कि सातों आरोपी काफी पढ़े-लिखे थे। ये लोग नामी कंपनियों में काम करते थे और आईईडी बनाने के लिए कोडवर्ड में बात करते थे। एनआईए ने कोर्ट में चार हजार पेज की चार्जशीट दायर की है। इसके अलावा आरोपी आईईडी बनाने के लिए आसानी से मिलने वाली चीजें जैसे वाशिंग मशीन टाइमर, थर्मामीटर, स्पीकर वायर, 12 वॉट का बल्ब, 9 वॉट की बैटरी, फिल्टर पेपर, माचिस की तीलियां और बेकिंग सोडा का भी इस्तेमाल करते थे। आरोपियों ने आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए महाराष्ट्र, गोवा, केरल और कर्नाटक में रेकी की थी। उन्होंने फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के लिए एक ड्रोन का भी इस्तेमाल किया, जिसे एजेंसी ने जब्त कर लिया है।