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EY Row: श्रम मंत्री को एनएचआरसी ने जारी किया नोटिस, अत्यधिक काम के कारण हुई महिला सीए की मौत पर मांगी रिपोर्ट

Sat, 21 Sep 2024 11:19 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

एनएचआरसी ने शनिवार को कहा कि उसने केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय से उन रिपोर्टों पर विस्तृत जवाब मांगा है, जिनमें कहा गया है कि पुणे में एक महिला चार्टर्ड अकाउंटेंट की मौत उसके कार्यालय में अत्यधिक कार्यभार के कारण हुई है।
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श्रम मंत्री को एनएचआरसी ने जारी किया नोटिस - फोटो : ANI
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विस्तार
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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय को नोटिस जारी कर मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग युवा कर्मचारी की मौत से संबंधित मामले में कथित तौर पर की जा रही जांच के नतीजे भी जानना चाहेगा। इसके अलावा, आयोग यह भी जानना चाहेगा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं और क्या उठाए जाने का प्रस्ताव है। चार सप्ताह के भीतर जवाब की उम्मीद है।
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एक कोर ग्रुप का किया गया गठन
एक बयान में आयोग कहा कि उसने कानूनों और विनियमों की समीक्षा करने और सिफारिशें तैयार करने के लिए 'व्यापार और मानवाधिकारों पर एक कोर ग्रुप' का गठन किया है, जिन्हें व्यापार और उद्योग में मानवाधिकारों की सुरक्षा और स्वस्थ कार्य वातावरण सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों और उनकी एजेंसियों को भेजा जाएगा।

NHRC ने मीडिया रिपोर्टों का स्वतः संज्ञान लिया
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कहा कि उसने मीडिया रिपोर्टों का स्वतः संज्ञान लिया है कि केरल की एक 26 वर्षीय चार्टर्ड अकाउंटेंट लड़की की 20 जुलाई, 2024 को महाराष्ट्र के पुणे में कथित तौर पर अर्न्स्ट एंड यंग में अत्यधिक कार्यभार के कारण मृत्यु हो गई, लड़की ने चार महीने पहले ही कंपनी को ज्वाइन किया था।
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चार्टर्ड अकाउंटेंट की मौत की जांच जारी- मंडाविया
गुरुवार को केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा था कि चार्टर्ड अकाउंटेंट अन्ना सेबेस्टियन पेरायिल की मौत की जांच की जा रही है। एनएचआरसी के बयान में कहा गया है कि कथित तौर पर मां ने कंपनी को एक पत्र लिखकर दावा किया है कि लंबे समय तक काम करने से उनकी बेटी के शारीरिक, भावनात्मक और मानसिक स्वास्थ्य पर भारी असर पड़ा है, हालांकि कंपनी ने इस आरोप को इनकार किया है। बयान में कहा गया है कि केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय मामले की जांच कर रहा है। 

आयोग ने पाया है कि मीडिया रिपोर्ट की सामग्री, यदि सत्य है, तो काम पर युवा नागरिकों के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में गंभीर मुद्दे उठाती है, जो मानसिक तनाव, चिंता और नींद की कमी से पीड़ित हैं, अव्यवहारिक लक्ष्यों और समयसीमाओं का पीछा करते हुए उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं, जिसके परिणामस्वरूप उनके मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन होता है। मानवाधिकार पैनल ने कहा, अपने कर्मचारियों को सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण प्रदान करना सभी कंपनियों का प्रमुख कर्तव्य है। 

उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके साथ काम करने वाले सभी लोगों के साथ सम्मान और निष्पक्षता से व्यवहार किया जाए। इस मामले में युवा कर्मचारी की दर्दनाक मौत ने संकेत दिया है कि देश में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए इस संबंध में सभी हितधारकों की तरफ से तत्काल कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। 
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