दरअसल, सैन्य अफसर और उनकी मंगेतर ने आरोप लगाया था कि 15 सितंबर को रात को जब वह रेस्टोरेंट बंद करके घर जा रहीं थी तो एक वाहन को ओवरटेक करने पर सात इंजीनियरिंग छात्रों ने उन पर हमला किया और गालियां दीं।
ओडिशा में 15 सितंबर की रात सैन्य अफसर और उसकी मंगेतर पर हमला करने वाले सात युवकों को स्थानीय अदालत ने जमानत दे दी। वहीं तृणमूल कांग्रेस ने पुलिस हिरासत में सैन्य अफसर की मंगेतर के यौन उत्पीड़न को लेकर कहा कि ओडिशा में जंगलराज कायम है।
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दरअसल, सैन्य अफसर और उनकी मंगेतर ने आरोप लगाया था कि 15 सितंबर को रात को जब वह रेस्टोरेंट बंद करके घर जा रहीं थी तो एक वाहन को ओवरटेक करने पर सात इंजीनियरिंग छात्रों ने उन पर हमला किया और गालियां दीं। मामले में पुलिस ने आरोपी युवकों के पास से 11 मोबाइल फोन जब्त किये। छात्रों को शुक्रवार रात गिरफ्तार किया गया और शनिवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी -2 (जेएमएफ) के सामने पेश किया गया। जहां से उन्हें जमानत दे दी गई। पुलिस के मुताबिक युवकों की गिरफ्तारी घटना के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की गई थी।
पुलिस ने कहा कि जब सैन्य अधिकारी ने हस्तक्षेप करने का प्रयास किया तो छात्रों ने उन्हें घसीटा और उसके साथ मारपीट की। जब सैन्य अफसर ने अपने मोबाइल फोन पर घटना का वीडियो रिकॉर्ड करने की कोशिश की तो उनको धमकी दी गई। कोर्ट में आरोपी छात्रों ने आरोपों से इनकार किया। दावा किया कि उन्होंने सैन्य अफसर की मंगेतर को शारीरिक रूप से नहीं छुआ। एक युवक ने कहा कि अपनी कार से महिला ने हमारे प्रति कुछ अभद्र इशारे किए। सेना अधिकारी के साथ हमारी झड़प हुई। हमें मामले में झूठा फंसाया जा रहा है।
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पुलिस स्टेशन में सैन्य अफसर और मंगेतर से की गई अभद्रता
इसके बाद सैन्य अफसर और उसकी मंगेतर पुलिस से मदद लेने के लिए भरतपुर पुलिस स्टेशन पहुंचे तो वहां सिर्फ एक महिला पुलिसकर्मी ने उनके साथ बदतमीजी की और गालियां भी दी। सैन्य अफसर की मंगेतर ने बताया कि पुलिसवालों ने उसे जेल में डाल दिया। महिला पुलिसकर्मियों ने जैकेट से पीछे मेरे हाथ बांध दिए और एक महिला पुलिसकर्मी के दुप्पटे से मेरे पैर बांधकर मुझे एक कमरे में बंद कर दिया। इसके कुछ देर बाद एक पुरुष पुलिसकर्मी ने मेरे शरीर के ऊपर के कपड़े उतार कर मेरे सीने पर कई बार लात मारे। फिर कुछ घंटे बाद एक वरिष्ठ अधिकारी ने मेरी पैंट उतार कर मुझे रेप की धमकी दी। दंपती की शिकायत के आधार पर डीजीपी ने भरतपुर पुलिस स्टेशन के प्रभारी निरीक्षक (आईआईसी) सहित पांच कर्मियों को निलंबित कर दिया और अपराध शाखा को मामले की जांच करने के लिए कहा गया है।
टीएमसी ने कहा कि ओडिशा में जंगलराज कायम
तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा शासित ओडिशा में जंगलराज कायम है। टीएमसी ने महिला के लिए न्याय की मांग की। टीएमसी ने कहा कि 15 सितंबर को एक सैन्य अधिकारी की मंगेतर अपने साथ पहले हुई छेड़छाड़ के लिए न्याय मांग रही थी, का यौन उत्पीड़न किया गया। इसके बाद उसे ओडिशा पुलिस की हिरासत में भेज दिया गया। इसका वीडियो भी वायरल हुआ है। इसमें हमलावर सड़कों पर महिला के साथ छेड़छाड़ करते हुए सीएम का नाम ले रहा है। टीएमसी ने एक्स पर पोस्ट किया कि जब अपराधी इस तरह के जघन्य अपराध करने से पहले अपने राजनीतिक संबंधों को दिखाने के लिए सशक्त महसूस करते हैं, तो यह भाजपा के जंगलराज को दर्शाता है। घटना के विरोध में बीजद की महिला शाखा ने भुवनेश्वर में राजभवन के सामने प्रदर्शन किया। जबकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस्तीफे की मांग करते हुए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के आधिकारिक आवास का घेराव करने का प्रयास किया।