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नई तकनीक: युवाओं को नौकरी ढूंढने में मदद करेगा कृत्रिम बुद्धिमत्ता, 80 लाख से ज्यादा रोजगारों का विश्लेषण

Sat, 07 Aug 2021 06:52 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला रिसर्च टीम, नई दिल्ली

सार

  • कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीकों पर लगता रहा है नौकरी छीनने का आरोप
  • अब एआई आधारित एक ऐसा सिस्टम तैयार हुआ है, जो नए कॅरिअर चुनने में मदद कर सकता है
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Artificial Intelligence - फोटो : Becominghuman
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विस्तार
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दुनिया में जब भी स्वचालन बढ़ता है, तब नौकरियों पर खतरा मंडराता है। मौजूदा दौर में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को लेकर लोगों में ऐसा ही डर बैठा हुआ है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि नई तकनीक नौकरियों के लिए खतरा जरूर पैदा करती है, पर इससे नए रोजगारों के अवसर भी खुलते हैं।
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यही वजह है कि अब एआई आधारित एक ऐसा सिस्टम तैयार हुआ है, जो नए कॅरिअर चुनने में मदद कर सकता है। इसे ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने तैयार किया है। अब तक हुए प्रयोगों में 76 फीसदी सटीकता देखने को मिली है।

भविष्य के बदलाव के आधार पर सलाह: यह सिस्टम ऐसा कॅरिअर चुनने का सुझाव देता है, जिसके सफल होने की ज्यादा संभावना है। कौशलों में समानता पता लगने के बाद नए कौशल के आधार पर कर्मचारी के लिए पेशे का अनुमान लगाया जा सकता है।
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नए-पुराने कौशल मापकर देता है सुझाव
एआई सिस्टम नए-पुराने कौशल के बीच समानताएं मापकर कॅरिअर चुनने का सुझाव देता है। मसलन, एक अकाउंटेंट वित्तीय विश्लेषक की राह पकड़ सकता है, क्योंकि इन दोनों नौकरियों में जरूरी कौशल समान हैं। लेकिन स्पीच थैरेपिस्ट को फाइनेंशियल एनालिस्ट का कौशल सीखना मुश्किल होगा।

80 लाख से ज्यादा रोजगारों का विश्लेषण
  • यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी सिडनी के शोधकर्ता निक डाउसन, मरियन एंड्रेई रिजोऊ और यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ वेल्स की मैरी एन विलियम्स ने कॅरिअर में बदलाव सुझाने के लिए यह सिस्टम बनाया है।
  • मशीन लर्निंग के इस्तेमाल से 80 लाख ऑनलाइन रोजगार विज्ञापनों का विश्लेषण कर बताया गया है कि कर्मचारियों का अगला सफल कदम क्या होगा। जानकारी पीएलओएस वन में प्रकाशित हुई है।
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