मनी लॉन्ड्रिंग, विदेशी मुद्रा की हेराफेरी व अन्य मामलों की जांच करने वाले प्रवर्तन निदेशालय (ED) के साथ भी जालसाजी की घटनाएं हो गईं। ठगों ने ईडी के अधिकारी बन कई लोगों को समन भेज दिए, ताकि उनसे धोखाधड़ी व अवैध वसूली की जा सके। ईडी की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने ऐसे चार ठगों को हाल ही में गिरफ्तार किया है। इसे देखते हुए ईडी ने अपने समन के सत्यापन की नई व्यवस्था की है।
शुक्रवार को ईडी ने कहा कि विभिन्न मामलों की जांच के दौरान ईडी द्वारा पीएमएलए की धारा 50(2) और फेमा की धारा 37 के प्रावधानों के तहत समन जारी किया जाता है। हालांकि, कई ऐसे मामले ईडी के संज्ञान में आए हैं, जिनमें ठगों ने धोखाधड़ी या अवैध वसूली के इरादे से कुछ लोगों को फर्जी समन भेजे थे।
ईडी द्वारा धोखाधड़ी के इन मामलों में जांच की गई। इसके बाद जांच एजेंसी की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने हाल ही में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। ये ईडी अधिकारी बनकर फर्जी समन जारी करते थे। ऐसी धोखाधड़ी से बचाने के लिए ईडी ने समन के सत्यापन की नई व्यवस्था की है।
इस तरह तैयार होंगे समन व ऐसे होगा सत्यापन
- ईडी ने बताया कि फर्जी समन से बचाव के लिए उसने सिस्टम के जरिए समन तैयार करने की प्रणाली तैयार की है।
- सिस्टम जनित समन पर एक क्यूआर कोड और समन के नीचे एक यूनिक पासकोड होगा।
- समन प्राप्त करने वाला व्यक्ति क्यूआर कोड को स्कैन करके यह मिलने के 24 घंटे के बाद ईडी के वेबसाइट पेज पर उसका सत्यापन कर सकेगा।
- ईडी की वेबसाइट पर यूनिक पासकोड दर्ज करने पर इसकी असलियत का सत्यापन किया जा सकेगा।
- ईडी की वेबसाइट पर इस सत्यापन की व्यवस्था सार्वजनिक अवकाश, शनिवार और रविवार को छोड़कर उपलब्ध होगी।
- जो समन सिस्टम के माध्यम से उत्पन्न नहीं किया गया हो उसके सत्यापन के लिए दिए गए फोन नंबर या ईमेल पते पर संपर्क किया जा सकेगा।