केरल में कांग्रेस के नेता मणिशंकर अय्यर ने भारत को पूर्ण ठहराव से बाहर लाने का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू को दिया है। उन्होंने कहा कि यदि देश नेहरूवादी विकास दर को बरकरार रखा होता तो भारत आज 21 फीसदी की दर से विकास कर रहा होता।
केरल साहित्य महोत्सव में शामिल हुए कांग्रेस नेता
केरल साहित्य महोत्सव में पहुंचे कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने कहा, 'ऐसा प्रतीत होता है कि राष्ट्र निर्माण के हर पहलू में नेहरूवाद परंपरा का त्याग कर दिया गया है। ब्रिटिश अर्थशास्त्री ने 1914 से 1947 तक हमारे देश का विकास दर 0.72 होने का अनुमान लगाया था। लेकिन नेहरू शासन के कुछ ही साल में विकास दर 0.72 से बढ़कर तीन फीसदी तक पहुंच गया था।'
मणिशंकर अय्यर ने कहा, 'अगर हम नेहरूवादी विकास दर को बरकरार रखते तो यह हमारे लिए एक अद्भुद उपलब्धि होती। हम 21 फीसदी की दर से विकास कर रहे होते। नेहरू की नीती ने भारत को पूर्ण ठहराव से निकालकर विकास की पटरी पर खड़ा किया था।' उन्होंने कहा कि विकास के लिए भारत को वापस नेहरू के विचारों को अपनाना होगा।
कांग्रेस नेता ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, 'भारत 2014 की तुलना में अब भावनात्मक रूप से बहुत ज्यादा विघटित है और ऐसा ही चलता रहा तो हम तानाशाही की तरफ बढ़ते जाएंगे।' उन्होंने आगे कहा, 'हमारे समय में स्कूल में मुस्लिम समुदाय के खिलाफ कोई कुछ नहीं कहता था, लेकिन आज उसी स्कूल में कुछ लड़के धर्मनिरपेक्षता की बात करते हैं।'
अय्यर ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में देश के नागरिकों के पास इस असामान्य चलन को बदलने का सुनहरा मौका है। चुनाव का मतलब यह नहीं कि अगले पांच वर्षों तक देश में किसका शासन चलेगा बल्कि यह है कि अगले 50 वर्षों तक आप किस तरह के भारत को देखना चाहते हैं।
केरल साहित्य महोत्सव में इतिहासकार विलियम डेलरिम्पल, नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी, अभिनेता प्रकाश राज, अमेरिकी चिकित्सक-लेखक अब्राहम वर्गीस कॉमेडियन कानन गिल समेत अन्य 400 प्रसिद्ध हस्तियां शामिल हुए।