देश में कोरोना संक्रमण के मामले धीरे-धीरे कम हो रहे हैं। हालांकि, सरकार अब भी कोरोना वायरस की तीसरी लहर को लेकर पूरी तरह सतर्क है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि भारत आने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए निगेटिव आरटी-पीसीआर टेस्ट रिपोर्ट जरूरी होगी। मंत्रालय ने बुधवार को इस संबंध में गाइडलाइन जारी की। इसके मुताबिक, टेस्ट रिपोर्ट यात्रा से 72 घंटे पहले की होनी चाहिए। सभी यात्रियों को रिपोर्ट की पुष्टि करने के लिए घोषणा-पत्र भी देना होगा।
गाइडलाइन के साथ ही सरकार ने उन देशों की की सूची जारी की, जहां से आने वाले यात्रियों को जरुरी नियमों का पालन करना होगा। सूची में ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, बांग्लादेश, बोत्सवाना, चीन, मॉरीशस, न्यूजीलैंड और जिम्बाम्बे शामिल हैं। इन देशों को खतरे वाले देशों की सूची में रखा गया है।
गाइडलाइन के अहम बिंदू
- गाइडलाइन के मुताबिक, टीके की दोनों डोज लगवा चुके यात्रियों को होम या इंस्टीट्यूशनल क्वारंटीन करने की कोई जरुरत नहीं है। वहीं, ऐसे देश से आने वाले यात्रियों जिसके साथ भारत ने डब्ल्यूएचओ से अप्रूव वैक्सीन की पारस्परिक स्वीकृति के लिए व्यवस्था कर रखी है, उन्हें भी क्वारंटीन और टेस्ट से छूट दी जाएगी। ऐसे यात्रियों को सिर्फ आरटी-पीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट जमा करनी होगी।
- यदि आंशिक रूप से यानी वैक्सीन की एक डोज ले चुके लोग भारत आते हैं, तो उन्हें हवाई अड्डे पर ही कोरोना की जांच करानी होगी। इसके बाद उन्हें हवाई अड्डे से बाहर जाने की अनुमति दी जाएगी, लेकिन वे सात दिनों के लिए होम क्वारंटीन रहेंगे और आठवें दिन दोबारा टेस्ट कराएंगे। यदि रिपोर्ट निगेटिव आई तो अगले सात दिनों तक स्वयं अपने सेहज की निगरानी करनी होगी।
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दी गई 102.4 करोड़ वैक्सीन
भारत सरकार के माध्यम से और राज्यों द्वारा खरीद श्रेणी के तहत अब तक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 102.4 करोड़ से अधिक कोविड-19 वैक्सीन खुराक प्रदान की गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय ने कहा कि राज्यों के पास अभी भी 10.78 करोड़ (10,78,72,110) से अधिक वैक्सीन उपलब्ध हैं। केंद्र सरकार टीकाकारण गति को तेज करने और पूरे देश में इसके दायरे का विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इसमें कहा गया है कि टीकाकरण अभियान को तेज करन के लिए राज्यों को अधिक टीकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराई गई है ताकि वे बेहतर योजना बना सकें और वैक्सीन आपूर्ति श्रृंखला को सुव्यवस्थित कर सकें। मंत्रालय ने कहा कि इस बीमारी के खिलाफ राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत केंद्र राज्यों को मुफ्त में टीके उपलब्ध करवा रहा है।
टीके की मान्यता को लेकर भारत का 11 देशों से करार
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, भारत के 11 देशों ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, नेपाल, बेलारूस, लेबनान, आर्मेनिया, यूक्रेन, बेल्जियम, हंगरी और सर्बिया के साथ परस्पर राष्ट्रीय और विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा अनुमोदित टीके को मान्यता देने को लेकर करार है।