राज्य द्वारा संचालित ओडिशा राज्य पुलिस हाउसिंग एंड वेलफेयर कॉरपोरेशन लिमिटेड के एक 53 वर्षीय उप प्रबंधक को बुधवार को 14.87 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति जमा करने के आरोप में सतर्कता अधिकारियों ने गिरफ्तार किया। कुछ लोगों ने उप प्रबंधक अधिकारी की तरक्की के बारे में विजिलेंस टीम को बताया।
एक वरिष्ठ सतर्कता अधिकारी ने कहा कि उन्हें उप प्रबंधक पर संदेह है, जिसकी पहचान प्रताप सामल के रूप में की गई है। अधिकारी के पास कथित तौर पर कम से कम 25 भूखंड हैं और भुवनेश्वर में एक 5 मंजिला इमारत सहित तीन इमारतें हैं। अधिकारी के पास 1.61 करोड़ रुपये की बैंक जमा राशि थी। उसने लगभग 57.72 लाख रुपये के वार्षिक बीमा प्रीमियम का भुगतान किया।
एनसीआरबी द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, ओडिशा ने 2020 में सरकारी अधिकारियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले दर्ज किए हैं। ओडिशा की विजिलेंस टीम ने देशभर में 93 मामले और ऐसी 300 एफआईआर दर्ज की हैं।
अधिकारी ने कहा कि आरोपी अधिकारी प्रताप सामल और उनकी पत्नी सस्मिता संपत्ति के स्रोत के बारे में नहीं बता सके। उस पर पति को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया है। एक दूसरे सतर्कता अधिकारी ने कहा, यह राज्य सरकार के किसी अधिकारी द्वारा आय से अधिक संपत्ति की अब तक की सबसे बड़ी जब्ती है। जिसका बाजार मूल्य बहुत अधिक होगा।
निदेशक सतर्कता यशवंत जेठवा ने कहा कि उनके अधिकारी आने वाले दिनों में भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
जेठवा ने कहा, हमारे पास कुशल जांचकर्ताओं की एक कुशल कानूनी टीम है जिसमें कानूनी सलाहकार, परामर्शदाता, सीए (चार्टर्ड एकाउंटेंट) के साथ एक वित्तीय विंग, वित्तीय लेनदेन के गहन विश्लेषण के लिए बैंकिंग अधिकारी, मूल्यांकन के लिए सिविल इंजीनियरों वाला एक तकनीकी विंग शामिल है। हम जांच के लिए नवीनतम तकनीक का उपयोग करने जा रहे हैं।