राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव से इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक फैसले के खिलाफ अपील दायर करने का आग्रह किया है जिसमें नाबालिग से जुड़े यौन उत्पीड़न के मामले में दोषी की सजा को कम किया गया है। आयोग ने एक पत्र में कहा कि सोनू कुशवाहा बनाम उत्तर प्रदेश राज्य के मामले में तुरंत अपील की आवश्यकता है।
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पत्र में कहा गया है कि आयोग ने देखा है कि वर्तमान मामले में हाई कोर्ट की टिप्पणियों को 10 साल से सात साल तक की सजा का निर्धारण पोक्सो अधिनियम, 2012 की भावना के अनुसार नहीं लगता है।
इसमें कहा गया है कि आयोग मानता है कि सजा में कमी इस मामले में पीड़ित को दिए गए न्याय के प्रतिकूल है। आयोग को लगता है कि इस मामले में फैसले के खिलाफ राज्य द्वारा तत्काल अपील दायर करने के लिए जरूरी उठाए जाने चाहिए। आयोग ने मुख्य सचिव से नाबालिग का ब्योरा देने का भी अनुरोध किया है ताकि वह बच्चे को कानूनी सहायता जैसी मदद मुहैया करा सके।