वहीं, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कृषि कानूनों को वापस लेने के इस निर्णय पर केंद्र सरकार को एक सलाह दी है। ठाकरे ने कहा कि केंद्र सरकार को भविष्य में ऐसी शर्मिंदगी के बचने के लिए अन्य पार्टियों को भरोसे में लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसला देश में आम आदमी की ताकत को प्रदर्शित कर करता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन तीनों कानूनों को वापस लेने की प्रक्रिया जल्द पूरी होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे देश में लोग इन कानूनों के खिलाफ थे। इन कानूनों पर, इनके प्रावधानों पर और संभावित समस्याओं पर महाराष्ट्र विधानसभा के सत्रों के दौरान विस्तार से चर्चा की गई थी। यहां तक कि महाराष्ट्र की महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार ने भी इन तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ आपत्ति जताई थी। मैं केंद्र सरकार के इस कदम का स्वागत करता हूं कि उन्होंने आने वाले समय में इन कानूनों को वापस लेने का निर्णय लिया है।