जस्टिस एम वेणुगोपाल को राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) का कार्यवाहक चेयरपर्सन नियुक्त किया गया है। यह लगातार तीसरी बार है जब कार्यवाहक चेयरपर्सन की नियुक्ति की गई है। 14 मार्च 2020 को चेयरपर्सन जस्टिस एसजे मुखोपाध्याय के सेवानिवृत्त होने के बाद से डेढ़ साल से भी ज्यादा समय से यह प्रमुख अपीलीय न्यायाधिकरण पूर्णकालिक प्रमुख के बिना काम कर रहा है। यह न्यायाधिकरण दिवालिया, कंपनी लॉ और प्रतिस्पर्धा कानून जैसे मामलों की सुनवाई करता है।
छह सितंबर को चीफ जस्टिस एनवी रमण की पीठ ने विभिन्न न्यायाधिकरणों में खाली पदों पर नाराजगी जताते हुए कहा था कि केंद्र सरकार उसके धैर्य की परीक्षा ले रही है। केंद्र हमारे फैसलों का सम्मान नहीं करने पर तुली हुई है। साथ ही पीठ ने एक हफ्ते में नियुक्ति नहीं होने पर अवमानना की कार्यवाही शुरू की चेतावनी भी दी थी।
एनसीएलएटी की वेबसाइट के अनुसार, जस्टिस वेणुगोपाल को अपीलीय न्यायाधिकरण का कार्यवाहक चेयरपर्सन बनाया गया है और उनकी नियुक्ति 11 सितंबर से प्रभावी मानी जाएगी। जस्टिस वेणुगोपाल मद्रास हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश हैं। वह 5 जून 1997 को तमिलनाडु प्रदेश न्यायिक सेवा में सब-जज के तौर पर शामिल हुए थे और बाद में नवंबर 2007 में मद्रास हाईकोर्ट में पदोन्नत हुए। मद्रास हाईकोर्ट में वह साढ़े ग्यारह साल तक रहे।
जस्टिस वेणुगोपाल को 23 अक्तूबर 2019 में एनसीएलएटी में न्यायिक सदस्य बनाया गया था और 16 जनवरी 2021 को अपीलीय न्यायाधिकरण के चेन्नई बेंच चले गए थे। पूर्णकालिक चेयरपर्सन जस्टिस मुखोपाध्याय 14 मार्च 2020 को अपने पद से सेवानिवृत्त हुए थे। वह इस पद पर करीब चार साल तक रहे। उनके बाद जस्टिस बंसी लाल भट 15 मार्च 2020 को कार्यवाहक चेयरपर्सन नियुक्त हुए और 67 साल की उम्र पूरी होने तक उन्हें सरकार से चार बार विस्तार मिला। इसके बाद जस्टिस एआईएस चीमा को कार्यवाहक चेयरपर्सन बनाया गया। वह 19 अप्रैल 2021 से कार्यवाहक चेयरपर्सन के तौर पर कार्यरत थे और अपीलीय न्यायाधिकरण में 10 सितंबर उनके कार्यकाल का अंतिम दिन था।