नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। एक अधिकारी ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साथ ही इस रैकेट से जुड़े लोग भारत से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक फार्मा दवाओं की अवैध तस्करी से जुड़े थे। इसके साथ ही तीन लोगों को एम्फैटेमिन और तीन करोड़ रुपये की अन्य वस्तुओं के साथ गिरफ्तार किया गया है। वहीं, महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में 109 छात्राओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इन छात्राओं को फूड प्वाइजनिंग की शिकायत के बाद अस्पताल लाया गया।
अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़
एनसीबी के अधिकारी ने बताया कि भारत से लेकर विदेशों तक फार्मा दवाओं की अवैध तस्करी करने वाले एक रैकेट का भंडाफोड़ एक गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए किया गया। उन्होंने बताया कि सूचना मिली थी कि दवाओं की एक खेप अवैध रूप से ऑस्ट्रेलिया भेजी जा रही है। इसका संज्ञान लेते हुए डीआरआई की एक टीम ने एक कूरियर फर्म का दौरा किया और एक स्टील टेबल वाले पार्सल की जांच की। जब उसकी जांच की गई तो उसमें छिपाया गया नशीले पदार्थ के पैकेट मिले। इन पैकेटों में 9.877 किलोग्राम एम्फ़ैटेमिन मिला। इसके साथ ही 2.548 किलोग्राम जोलपिडेम टार्टेरेट टैबलेट और 6.545 किलोग्राम ट्रामाडोल टैबलेट भी जब्त किया गया। एनसीबी के अधिकारी ने बताया कि इन सबकी कीमत कुल मिलाकर तीन करोड़ रुपये है।
गिरफ्तारी भी की गई
उन्होंने यह भी बताया कि मामले में जांच के बाद वी सिंह नामक व्यक्ति की गिरफ्तारी की गई। वहीं, जब उससे पूछताछ की गई तो उसके अन्य सहयोगियों के बारे में पता चला। जिसके बाद मुंबई से उसके सहयोगियों जी मिश्रा और पी शर्मा को पकड़ा गया। गिरफ्तारी के बाद उनके परिसर से अवैध रूप से ली गई फार्मास्युटिकल दवाओं की एक बड़ी खेप मिली। यह विदेशों में भेजी जानी थी। इनमें 9,800 ज़ोलपिडेम टार्टेरेट टैबलेट और 18,700 ट्रामाडोल टैबलेट जब्त किए।
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में छात्राएं हुईं फूड प्वाइजनिंग की शिकार
वहीं, महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में अपने आवासीय विद्यालय में विषाक्त खाना खाने से छात्राओं के बीमार होने का मामला सामने आया है। बताया गया कि दोपहर का भोजन करने के बाद बीमार पड़ने के कारण 100 से अधिक छात्राओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
गढ़चिरौली जिले के सिविल सर्जन डॉ. प्रमोद खंडाते ने बताया कि यह घटना बुधवार को जिले के धनोरा तालुका के सोडे गांव में स्थित एक 'आश्रम शाला' (आदिवासी बच्चों के लिए आवासीय विद्यालय) में हुई। वहां बुधवार को दोपहर करीब 12.30 बजे स्कूल में छात्रों को दोपहर का खाना दिया गया। वह खाना खाने के कुछ समय बाद उन्हें उल्टी होने लगी और पेट दर्द और सिरदर्द की भी शिकायत हुई। इसके बाद 109 छात्राओं को एक सरकार अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में, उनमें से 40 को गढ़चिरौली के एक अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया, जबकि 69 अन्य का धनोरा ग्रामीण अस्पताल में इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि छात्राओं को दिए गए खाने और स्कूल के पानी के नमूने परीक्षण के लिए प्रयोगशाला में भेजे गए हैं।
महिला और उसके दो नाबालिग बच्चे मिले मृत
महाराष्ट्र के ठाणे में गुरुवार को एक महिला और उसके दो नाबालिग बच्चे घर में मृत पाए गए हैं। मृतकों की पहचान भावना अमित भागड़ी, उनकी छह वर्षीय बेटी खुशी और आठ वर्षीय बेटे अंकुश के रूप में हुई है। पुलिस ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तीनों मृतकों के शव शहर के कासारवडावली इलाके में महिला के देवर के घर से बरामद किए गए। फिलहाल, मृतका महिला के पति के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पति महिला से अलग रहता था।
उन्होंने बताया कि भावना ने 29 वर्षीय अमित धर्मवीर भागड़ी से शादी की थी। शुरू में वे हरियाणा में रहते थे। पुलिस ने बताया कि उसकी शराब पीने की आदत से तंग आकर शादी के कुछ साल बाद ही पत्नी ने उसे छोड़ दिया था। वर्तमान में वह अपने बच्चों को लेकर ठाणे में अमित के भाई विकास के घर पर रह रही थी
कासारवडावली पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि अमित तीन दिन पहले अपने भाई के घर मिलने के लिए ठाणे आया था और वहीं रुका भी था। आज सुबह, विकास अपने काम के लिए घर से निकला। इसके बाद जब वह लगभग 11.30 बजे घर लौटा, तो उसने अपनी भाभी और दोनों बच्चों को खून से लथपथ बेहोश पड़ा देखा। उनके शरीर के पास दागदार क्रिकेट बैट भी पड़ा हुआ था। फिलहाल इस शवों को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया गया है। साथ ही अमित के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करते हुए उसकी तलाश के लिए एक अभियान शुरू किया गया है।