वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सोमवार को राष्ट्रीय मौद्रिकरण पाइपलाइन (एनएमपी) का शुभारंभ करेंगी। इसके जरिए अगले चार वर्षों में बेची जाने वाली सरकार की बुनियादी ढांचा संपत्तियों की सूची तैयार की जाएगी। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "एनएमपी में केंद्र सरकार की पुरानी बुनियादी ढांचा परिसंपत्तियों की चार साल की पाइपलाइन शामिल है।
निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग के सचिव तुहिन कांत पांडेय ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि सरकार राष्ट्रीय राजमार्गों और पावर ग्रिड पाइपलाइनों सहित छह लाख करोड़ रुपये की बुनियादी ढांचा संपत्तियों को अंतिम रूप दे रही है, जिनका मौद्रिकरण किया जाएगा।सचिव पांडेय ने कहा था, "करीब 6,000 करोड़ रुपये की एक राष्ट्रीय मौद्रिकरण योजना पर काम चल रहा है, जिसमें पाइपलाइन से लेकर पावर ग्रिड पाइपलाइन और राष्ट्रीय राजमार्ग से लेकर टीओटी (टोल-ऑपरेट-ट्रांसफर) और इसी तरह की कई संपत्तियां होंगी।"
बजट में मौद्रिकरण पर दिया गया था जोर
इस बार के आम बजट में बुनियादी ढांचे के लिए वैकल्पिक वित्तपोषण जुटाने के साधन के रूप में परिसंपत्ति मौद्रिकरण पर काफी जोर दिया गया था। वित्त मंत्री सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा था कि नए बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की परिचालन वाली संपत्तियों का मौद्रिकरण एक बहुत ही महत्वपूर्ण वित्तपोषण विकल्प है।